​भारत गौरव ट्रेन से 6 ज्योतिर्लिंग दर्शन: 11 मई से शुरू होगा आस्था का सफर

पटना। भारतीय रेलवे और आईआरसीटीसी (IRCTC) ने देश के श्रद्धालुओं के लिए आस्था और पर्यटन का एक ऐसा संगम तैयार किया है, जो आने वाले समय में धार्मिक यात्राओं की परिभाषा बदल देगा। स्वदेश दर्शन और “देखो अपना देश” अभियान को गति देते हुए आईआरसीटीसी ने ‘भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन’ के माध्यम से छह ज्योतिर्लिंगों के दर्शन के साथ-साथ शिरडी साईं दर्शन के एक विशेष रेल-पर्यटन पैकेज की घोषणा की है। यह आध्यात्मिक यात्रा 11 मई 2026 से संचालित की जाएगी, जो कुल 11 रात और 12 दिनों की होगी। इस लंबी अवधि की यात्रा में श्रद्धालुओं को न केवल भगवान शिव के विभिन्न स्वरूपों के दर्शन होंगे, बल्कि उन्हें शिरडी के साईं बाबा और द्वारकाधीश जैसे ऐतिहासिक व धार्मिक स्थलों पर माथा टेकने का अवसर भी मिलेगा। शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026 को पटना में आयोजित एक प्रेस वार्ता में आईआरसीटीसी के अधिकारियों ने इस पूरे रूट मैप, सुविधाओं और बजट की जानकारी साझा की। यह विशेष ट्रेन झारसुगुड़ा से अपनी यात्रा शुरू करेगी, जिससे बिहार और झारखंड के तीर्थयात्रियों के लिए एक सुनहरा अवसर पैदा हो गया है।

आस्था का विस्तृत मार्ग: 12 दिनों में सात पवित्र धामों की यात्रा

​आईआरसीटीसी द्वारा तैयार किया गया यह यात्रा कार्यक्रम अत्यंत व्यवस्थित और भक्तों की सुविधा को ध्यान में रखकर बनाया गया है। 11 मई को झारसुगुड़ा से खुलने वाली यह ट्रेन अपनी 11 रात और 12 दिनों की अवधि में देश के पश्चिमी और मध्य हिस्सों के सबसे महत्वपूर्ण ज्योतिर्लिंगों को कवर करेगी। यात्रा का मुख्य केंद्र बिंदु निम्नलिखित स्थान रहेंगे:

  • उज्जैन: यहाँ श्रद्धालु श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करेंगे, जो काल के अधिष्ठाता माने जाते हैं। इसके साथ ही नर्मदा तट पर स्थित श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन का भी सौभाग्य प्राप्त होगा।
  • सोमनाथ: गुजरात के तट पर स्थित प्रथम ज्योतिर्लिंग श्री सोमनाथ के भव्य मंदिर में श्रद्धालु पूजन करेंगे।
  • द्वारका: भगवान कृष्ण की नगरी द्वारका में श्री द्वारकाधीश मंदिर के साथ-साथ श्री नागेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन कराए जाएंगे।
  • शिरडी: साईं बाबा की तपोभूमि शिरडी में श्रद्धालुओं को साईं बाबा के दर्शन और वहां के आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव मिलेगा।
  • नाशिक: गोदावरी के तट पर स्थित श्री त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन होंगे, जिसका धार्मिक महत्व पुराणों में अत्यंत उच्च बताया गया है।
  • औरंगाबाद: यहाँ प्रसिद्ध एलोरा गुफाओं के समीप स्थित श्री घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के साथ यात्रा के मुख्य पड़ाव पूर्ण होंगे।

​यह पूरा सर्किट एक ऐसी आध्यात्मिक श्रृंखला बनाता है जो भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक विविधता को एक सूत्र में पिरोता है। श्रद्धालुओं को इन सभी स्थलों पर दर्शन के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा ताकि वे बिना किसी हड़बड़ी के अपनी साधना और पूजा संपन्न कर सकें।

बजट और श्रेणियां: हर वर्ग के लिए विशेष विकल्प

​आईआरसीटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक राजेश कुमार ने प्रेस वार्ता के दौरान इस विशेष पैकेज के आर्थिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि रेलवे का उद्देश्य है कि समाज का हर वर्ग इन ज्योतिर्लिंगों के दर्शन का लाभ उठा सके। इसी को ध्यान में रखते हुए पूरे पैकेज को तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है:

  1. इकोनॉमी क्लास: इस श्रेणी में प्रति व्यक्ति शुल्क (जीएसटी सहित) 23,315 रुपये निर्धारित किया गया है। यह उन श्रद्धालुओं के लिए है जो कम बजट में सुरक्षित और व्यवस्थित यात्रा करना चाहते हैं।
  2. स्टैंडर्ड क्लास: यहाँ प्रति व्यक्ति शुल्क 41,570 रुपये है। इस श्रेणी में आवास और भोजन की व्यवस्था इकोनॉमी की तुलना में अधिक उन्नत होगी।
  3. कम्फर्ट क्लास: सबसे प्रीमियम अनुभव के लिए कम्फर्ट क्लास का विकल्प है, जिसका शुल्क 50,410 रुपये तय किया गया है। इसमें यात्रियों को सुपीरियर होटलों में ठहरने और वातानुकूलित कोचों व परिवहन की सुविधाएं मिलेंगी।

​राजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि ये सभी पैकेज ‘ऑल-इनक्लूसिव’ हैं। इसका तात्पर्य यह है कि एक बार टिकट बुक होने के बाद यात्रियों को रेल यात्रा, शाकाहारी भोजन (नाश्ता, दोपहर और रात का भोजन), होटलों में रात्रि विश्राम, दर्शन स्थलों तक जाने के लिए बसों की व्यवस्था और यात्रा बीमा जैसी सुविधाओं के लिए अलग से कोई भुगतान नहीं करना होगा।

भारत गौरव ट्रेन की विशिष्टता और सुविधाएं

​आंचलिक कार्यालय, कोलकाता के मुख्य पर्यवेक्षक संजीव कुमार ने बताया कि भारत गौरव ट्रेन अन्य सामान्य ट्रेनों से काफी अलग है। यह विशेष रूप से पर्यटन के लिए डिजाइन की गई है, जिसमें यात्रियों की सुरक्षा और मनोरंजन का पूरा ध्यान रखा जाता है। ट्रेन के प्रत्येक कोच में सुरक्षा गार्ड तैनात रहते हैं और पूरी ट्रेन में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जाती है। इसके अलावा, यात्रियों के मनोरंजन के लिए और धार्मिक माहौल बनाए रखने के लिए ट्रेन में इंफोटेनमेंट सिस्टम के जरिए भजन और धार्मिक संगीत की व्यवस्था भी रहती है।

​यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिए प्राथमिक उपचार की सुविधा और अनुभवी टूर मैनेजरों का एक दल हमेशा साथ रहेगा, जो हर गंतव्य पर यात्रियों का मार्गदर्शन करेगा। यह ट्रेन झारसुगुड़ा से खुलेगी, लेकिन मार्ग में आने वाले विभिन्न स्टेशनों पर यात्रियों को बोर्डिंग और डी-बोर्डिंग की सुविधा भी दी जा सकती है, जिसकी विस्तृत जानकारी बुकिंग के समय प्राप्त की जा सकती है।

बुकिंग प्रक्रिया और संपर्क विवरण: डिजिटल और ऑफलाइन विकल्प

​श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आईआरसीटीसी ने बुकिंग की प्रक्रिया को बहुत सरल रखा है। जो लोग तकनीक के साथ सहज हैं, वे आईआरसीटीसी की आधिकारिक पर्यटन वेबसाइट www.irctctourism.com पर जाकर ऑनलाइन अपनी सीट आरक्षित कर सकते हैं। इसके अलावा, जो लोग व्यक्तिगत रूप से मिलकर जानकारी लेना चाहते हैं, वे पटना स्थित आईआरसीटीसी के क्षेत्रीय कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।

​प्रशासन ने पूछताछ और सहायता के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं:

  • 8595937711
  • 8595937731
  • 8595937732

​इन नंबरों पर कॉल करके यात्री सीट की उपलब्धता, विस्तृत यात्रा विवरण और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी ले सकते हैं। चूंकि इस तरह के आध्यात्मिक पैकेजों की मांग काफी अधिक रहती है, इसलिए अधिकारियों ने सलाह दी है कि श्रद्धालु समय रहते अपनी बुकिंग सुनिश्चित कर लें।

धार्मिक पर्यटन का बदलता परिदृश्य और रेलवे का विजन

​आईआरसीटीसी की यह पहल केवल एक पर्यटन पैकेज नहीं है, बल्कि यह भारत के प्राचीन गौरव को आधुनिक सुविधाओं के साथ जोड़ने का एक प्रयास है। भारत गौरव ट्रेनों के संचालन से उन वरिष्ठ नागरिकों को सबसे अधिक लाभ होता है, जिन्हें अकेले यात्रा करने में कठिनाई होती है। इस ट्रेन में एक ही छत के नीचे आवास, भोजन और दर्शन की व्यवस्था होने से श्रद्धालुओं को अपनी पूरी ऊर्जा केवल भक्ति और दर्शन में लगाने का अवसर मिलता है।

​राजेश कुमार और संजीव कुमार ने प्रेस वार्ता के अंत में कहा कि आने वाले समय में इसी तरह के और भी सर्किट—जैसे रामायण सर्किट, बौद्ध सर्किट और चारधाम यात्रा—को भारत गौरव ट्रेनों के माध्यम से संचालित किया जाएगा। 11 मई से शुरू होने वाला यह ज्योतिर्लिंग दर्शन अभियान इसी दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा। 11 रात और 12 दिनों का यह सफर श्रद्धालुओं के जीवन की सबसे यादगार यात्राओं में से एक होने जा रहा है, जहाँ आस्था की पटरियों पर चलकर वे महादेव के विभिन्न ज्योतिर्मय स्वरूपों का सान्निध्य प्राप्त कर सकेंगे।

​इस यात्रा के दौरान सुरक्षा मानकों का भी कड़ाई से पालन किया जाएगा। सभी दर्शनीय स्थलों पर गाइडों की व्यवस्था की गई है ताकि यात्री प्रत्येक मंदिर के ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व को गहराई से समझ सकें। रेलवे का यह कदम न केवल धार्मिक भावनाओं का सम्मान करता है, बल्कि देश के भीतर पर्यटन आधारित रोजगार को भी बढ़ावा दे रहा है।

  • ये भी पढ़े..

    बिहार विधानसभा में पत्रकारों के मुद्दे पर हंगामा, विपक्ष ने दी सदन बहिष्कार की चेतावनी; स्पीकर ने दिया बातचीत का भरोसा

    Share Add as a preferred…

    बिहार के किसानों के लिए सीएम सम्राट का बड़ा ऐलान, दिन में 12 घंटे मिलेगी बिजली, सूखे इलाकों में मिलेगा डीजल अनुदान

    Share Add as a preferred…