
भागलपुर, 22 जुलाई: बिहार सरकार के कृषि विभाग के अंतर्गत जिला उद्यान कार्यालय, भागलपुर द्वारा एकीकृत बागवानी मिशन योजना के तहत जिले में टिश्यूकल्चर केला की खेती को बढ़ावा देने के लिए 250 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योजना का उद्देश्य आधुनिक तकनीक आधारित खेती को प्रोत्साहित कर किसानों की उत्पादकता और आय में वृद्धि करना है।
प्रति हेक्टेयर ₹70 हजार का मिलेगा अनुदान
योजना के तहत टिश्यूकल्चर केला की खेती के लिए प्रति हेक्टेयर इकाई लागत ₹1.75 लाख निर्धारित की गई है। इस पर किसानों को 40 प्रतिशत (₹70,000) का अनुदान दिया जाएगा।
अनुदान दो चरणों में मिलेगा। पहले वर्ष ₹42,000 (60 प्रतिशत) की राशि दी जाएगी, जबकि दूसरे वर्ष पौधों की 75 प्रतिशत उत्तरजीविता (सर्वाइवल रेट) सुनिश्चित होने पर शेष ₹28,000 (40 प्रतिशत) का भुगतान किया जाएगा।
रैयत और गैर-रैयत दोनों किसान कर सकते हैं आवेदन
इस योजना का लाभ रैयत एवं गैर-रैयत दोनों प्रकार के किसान उठा सकते हैं। इच्छुक किसान 0.10 हेक्टेयर से 2.00 हेक्टेयर तक के क्षेत्र के लिए आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन बिहार कृषि ऐप के माध्यम से ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे। लाभार्थियों का चयन ‘प्रथम आओ, प्रथम पाओ’ के आधार पर किया जाएगा।
प्रति हेक्टेयर मिलेंगे 3,086 टिश्यूकल्चर पौधे
आवेदन स्वीकृत होने के बाद उद्यान निदेशालय की अधिकृत एजेंसी के माध्यम से किसानों को प्रति हेक्टेयर 3,086 टिश्यूकल्चर केला पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे वैज्ञानिक एवं गुणवत्तापूर्ण खेती को बढ़ावा मिलेगा।
किसानों से आवेदन करने की अपील
जिला उद्यान पदाधिकारी, भागलपुर ने जिले के अधिक से अधिक किसानों से योजना का लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इच्छुक किसान समय रहते बिहार कृषि ऐप के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर योजना का लाभ प्राप्त करें।
(यह समाचार जिला जनसंपर्क कार्यालय, भागलपुर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है।)


