मध्य पूर्व में फिर भड़का भीषण युद्ध: ईरान ने यूएई पर बरसाईं मिसाइलें और आत्मघाती ड्रोन, डिफेंस सिस्टम ने आसमान में ही किया ‘खेला’

दुबई/अबू धाबी। मध्य पूर्व की धरती एक बार फिर बारूद के ढेर पर खड़ी नजर आ रही है। सोमवार, 04 मई 2026 की शाम संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के लिए किसी डरावने सपने जैसी रही। अप्रैल महीने में हुए युद्धविराम के बाद यह पहला मौका है जब ईरान ने सीधे तौर पर यूएई के रिहायशी और औद्योगिक इलाकों को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमला किया है। यूएई के रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक पुष्टि की है कि ईरानी सेना ने देश के विभिन्न हिस्सों में बैलिस्टिक मिसाइलें, क्रूज मिसाइलें और विस्फोटक ड्रोन (स्वार्म ड्रोन्स) लॉन्च किए। हालांकि, यूएई की मुस्तैद वायु रक्षा प्रणाली (Air Defense System) ने अधिकांश खतरों को आसमान में ही ध्वस्त कर दिया, जिससे एक बड़ी तबाही टल गई। इस हमले के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर है और यूएई के रक्षा मंत्रालय ने अपनी सेनाओं को ‘कॉम्बैट रेडी’ मोड पर रहने का आदेश दिया है।

हमले का स्वरूप: आसमान से बरसी आग

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार की दोपहर बाद ईरान की ओर से एक साथ कई दिशाओं से हमले शुरू हुए। यूएई के रक्षा मंत्रालय के बयान के अनुसार, ईरान ने कम से कम चार क्रूज मिसाइलें लॉन्च की थीं। इनमें से तीन मिसाइलों को यूएई के क्षेत्रीय जल क्षेत्र के ऊपर ही ‘इंटरसेप्ट’ कर मार गिराया गया, जबकि चौथी मिसाइल समुद्र में जा गिरी। इसके अलावा, दर्जनों आत्मघाती ड्रोन्स ने भी यूएई के हवाई क्षेत्र में घुसने की कोशिश की।

​रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन हमलों का मुख्य उद्देश्य यूएई के तेल प्रतिष्ठानों और रणनीतिक बुनियादी ढांचों को नुकसान पहुँचाना था। हमले के दौरान दुबई और शारजाह जैसे प्रमुख शहरों के आसमान में इंटरसेप्शन की तेज आवाजें सुनी गईं, जिससे निवासियों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, यूएई का डिफेंस सिस्टम इतना सटीक रहा कि मिसाइलों के मलबे को भी आबादी वाले इलाकों से दूर गिराया गया।

फूजैरा तेल डिपो में आग और ड्रोन्स का तांडव

​ईरान के इस ताजा हमले का सबसे ज्यादा असर यूएई के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र फूजैरा (Fujairah) में देखने को मिला। फूजैरा मीडिया ऑफिस के अनुसार, एक ईरानी ड्रोन हमले के कारण तेल उद्योग क्षेत्र (Fujairah Oil Industry Zone) के एक हिस्से में भीषण आग लग गई। यह इलाका यूएई के तेल निर्यात के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यहाँ से तेल सीधे हिंद महासागर में भेजा जाता है, जिससे जहाजों को विवादित ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) से गुजरने की जरूरत नहीं पड़ती।

​आग की सूचना मिलते ही फूजैरा सिविल डिफेंस की टीमों को मौके पर रवाना किया गया। दमकलकर्मियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन बुनियादी ढांचे को कुछ नुकसान पहुँचने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि क्या ड्रोन ने सीधे तेल टैंक को निशाना बनाया था या मलबा गिरने के कारण आग लगी।

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आसमान में गूँजी चेतावनी: डिफेंस सिस्टम हुआ सक्रिय

​ईरानी हमले की शुरुआत होते ही यूएई के गृह मंत्रालय ने दुबई और शारजाह के लाखों निवासियों के मोबाइल फोन पर एक आपातकालीन ‘रेड अलर्ट’ (Emergency Alert) जारी किया। इस अलर्ट में लोगों को तुरंत खिड़कियों और खुले क्षेत्रों से दूर रहने तथा सुरक्षित स्थानों या निकटतम सुरक्षित इमारतों में शरण लेने की सलाह दी गई थी। यह 2026 के युद्ध की शुरुआत के बाद से इस तरह का पहला बड़ा अलर्ट था।

मध्य पूर्व में फिर भड़का भीषण युद्ध: ईरान ने यूएई पर बरसाईं मिसाइलें और आत्मघाती ड्रोन, डिफेंस सिस्टम ने आसमान में ही किया 'खेला'

​तकरीबन 20 मिनट तक यूएई का डिफेंस सिस्टम पूरी क्षमता से कार्य करता रहा। पैट्रियट (Patriot) और थाड (THAAD) जैसी प्रणालियों ने ईरान से आने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही ढेर कर दिया। रक्षा मंत्रालय ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘X’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि उनके एयर डिफेंस ने “मिसाइल खतरे” से सफलतापूर्वक निपटा है। स्थिति सामान्य होने के बाद मंत्रालय ने दूसरा संदेश जारी कर लोगों को आश्वस्त किया कि स्थिति अब सुरक्षित है और वे सामान्य गतिविधियों पर लौट सकते हैं, लेकिन सतर्कता बनाए रखें।

होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव और टैंकरों पर हमला

​ईरान की मिसाइल स्ट्राइक के साथ-साथ समुद्र में भी हलचल तेज रही। यूएई के विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे ADNOC (अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी) के वाणिज्यिक टैंकरों पर भी ईरानी ड्रोन्स ने हमला किया है। यूएई ने इसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का “घोर उल्लंघन” करार दिया है।

​यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और व्यापारिक जहाजों को ‘एस्कॉर्ट’ (सुरक्षा घेरे में ले जाना) करने की योजना बनाई है। ईरान ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर कोई विदेशी नौसेना इस जलडमरूमध्य में प्रवेश करती है, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। सोमवार को ईरानी समाचार एजेंसी ‘फार्स’ ने दावा किया कि उनकी सेना ने होर्मुज में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे एक अमेरिकी युद्धपोत पर भी मिसाइलें दागी हैं, हालांकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस दावे को खारिज कर दिया है।

Ceasefire क्यों टूटा? युद्ध के पीछे का राजनैतिक गणित

​फरवरी 2026 के अंत में शुरू हुआ ईरान-यूएस युद्ध 8 अप्रैल को एक नाजुक युद्धविराम (Ceasefire) पर पहुँचा था। लेकिन पिछले 24 घंटों में यह शांति भंग हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान पर लगे कड़े अमेरिकी प्रतिबंध और होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिकी नियंत्रण की कोशिशों ने ईरान को फिर से आक्रामक होने पर मजबूर किया है।

​अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में ईरान के साथ राजनयिक समाधान की उम्मीद जताई थी, लेकिन साथ ही उन्होंने अमेरिकी जहाजों को खाड़ी में सुरक्षा देने के निर्देश भी दिए थे। ईरान ने इसे उकसावे की कार्रवाई माना है। 4 मई के इस हमले को ईरान की उस शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें वह यूएई और अन्य खाड़ी देशों को यह संदेश देना चाहता है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।

हवाई क्षेत्र और नागरिक उड्डयन की स्थिति

​हमले के दौरान यूएई के आसमान में कई नागरिक विमान उड़ रहे थे। अचानक सक्रिय हुए एयर डिफेंस सिस्टम के कारण कुछ विमानों के रूट को अस्थायी रूप से बदला गया और कुछ उड़ानों को होल्ड पर रखा गया। अबू धाबी के जायद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास भी इंटरसेप्शन का मलबा गिरने की खबरें आईं, जिससे कुछ समय के लिए परिचालन प्रभावित हुआ। हालांकि, यूएई सरकार ने स्पष्ट किया है कि नागरिक उड्डयन सेवाएं अब पूरी तरह सामान्य हैं और सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें अपने निर्धारित समय से चल रही हैं।

​यूएई के रक्षा मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूत्रों से मिलने वाली सूचनाओं पर ही विश्वास करें और भ्रामक खबरों या सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो से बचें। मंत्रालय ने कहा कि यूएई की सेना देश की सीमाओं और संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम है और किसी भी दुस्साहस का करारा जवाब दिया जाएगा।

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