टोक्यो/नई दिल्ली, 30 अगस्त 2025।अमेरिका से टैरिफ पर जारी टकराव के बीच भारत और जापान ने शुक्रवार को ऐतिहासिक समझौता किया। इस समझौते के तहत जापान अगले दस वर्षों में भारत में करीब 60 हजार करोड़ रुपये का निवेश करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों जापान यात्रा पर हैं और शिखर वार्ता के बाद यह घोषणा हुई।
दोनों देशों ने इस समझौते को ‘अगली पीढ़ी की सुरक्षा और समृद्धि का रोडमैप’ नाम दिया है। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बताया कि जापान ने भारत में निवेश लक्ष्य को पहले पांच ट्रिलियन येन तय किया था, जिसे अब बढ़ाकर 10 लाख ट्रिलियन येन कर दिया गया है।
भारत और जापान के बीच कुल 13 करार हुए हैं। इन करारों के तहत दोनों देश रक्षा सहयोग, आपूर्ति शृंखला को मजबूत बनाने, निवेश, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), अंतरिक्ष, हाई स्पीड रेल, सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा, फार्मा, खनिज और टेलीकॉम जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे।
इस समझौते को भारत-जापान संबंधों में मील का पत्थर माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भारत की आर्थिक और सामरिक ताकत और भी मजबूत होगी।


