34 फीसदी आबादी की कमाई ₹6000 महीना, सामान्य वर्ग के 25% परिवार गरीब

बिहार विधानसभा शीतकालीन सत्र के दूसरे दिनजातीय गणना सर्वे की आर्थिक रिपोर्ट सदन में पेश की जाएगी. सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार बिहार में सिर्फ 7 फीसदी आबादी ही ग्रेजुएट हैं. आर्थिक रिपोर्ट की बात करें तो उसमें 25.09 फीसदी सामान्य परिवार को गरीब बताया गया है. सर्वणों में 27.58 फीसदी भूमिहार, 25.3 फीसदी ब्राह्मण, 24.89 प्रतिशत राजपूत और 13.83 फीसदी कायस्थ परिवार गरीब है।

मंगलवार को बिहार जातीय सर्वे आर्थिक और शैक्षणिक रिपोर्ट को सदन में पेश की जाएगी. रिपोर्ट में आर्थिक रूप से गरीब परिवार की बात करें तो उसमें सामान्य वर्ग 25.09%, पिछड़ा वर्ग में 33.16 फीसदी, अत्यंत पिछड़ा वर्ग में 33.58 फीसदी, अनुसूचित जाति में 42.93 फीसदी, अनुसूचित जनजाति में 42.70 और अन्य प्रतिवेदित जातियों में 23.72 फीसदी परिवार शामिल हैं।

सामान्य वर्ग में सबसे ज्यादा 25.32 प्रतिशत परिवार गरीब हैं. ब्राह्मण में 25.3 % राजपूत में 24.89 प्रतिशत, कायस्थ में 13.83 प्रतिशत गरीब हैं. इसके अलावा भट्ट परिवार के 23.68 प्रतिशक, मल्लिक और मुस्लिम में 17.26 प्रतिशत, हरिजन 29.12, किन्नर 25.73, कुशवाहा 34.32, यादव 35.87, कुर्मी 29.90 सोनार 26.58 और मल्लाह में 32.99 प्रतिशत लोग गरीब हैं।

सामान्य वर्ग में 51.54% लोगों के पास अपना पक्का मकान है. पिछड़ा वर्ग में 43.47%, अत्यंत पिछड़ा में 32. 61%, अनुसूचित जाति में 24.26%, अनुसूचित जनजाति में 25.81% लोगों के पास अपना मकान है. 0. 31 प्रतिशत सामान्य वर्ग के पास अपना मकान नहीं है, 0.16 प्रतिशत पिछड़ा वर्ग के पास अपने मकान नहीं है, 0.23% अत्यंत पिछड़ा वर्ग के पास अपना मकान नहीं है, 0.26% अनुसूचित जाति के पास अपना मकान नहीं है, 0. 28 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति के पास अपना मकान नहीं है।

आर्थिक सर्वे रिपोर्ट में बिहार के परिवारों की मासिक आमदनी का भी जिक्र किया गया है. राज्य के 34 फीसदी की मासिक आबादी मात्र 6 हजार रुपए बताया गया है. रिपोर्ट में 6 हजार से 10 हजार रुपए प्रति महीना वाले परिवारों की संख्या 29.61 प्रतिशत है. यानी राज्य में 10 हजार रुपए प्रति महीना तक की आदमनी वाले परिवारों की संख्या 63 फीसदी से ज्यादा है।

6 हजार मासिक आमदनी वाले परिवार की संख्या 94 लाख 42 हजार 786 है. 6000 से अधिक और 10000 तक की आमदनी वाले परिवारों की संख्या 81 लाख 91 हजार 390 है. राज्य में 10000 से अधिक और 20000 तक की मासिक आमदनी वाले सिर्फ 18.06 फीसदी परिवार हैं. 20000 रुपए से अधिक और 50000 तक मासिक आमदनी वाले 9.83 परिवार शामिल हैं।

राज्य में 50000 से अधिक की आमदनी वाले परिवार सिर्फ 3.90 फीसदी है. आंकड़ों में यह भी सामने आया है कि 4.47 फीसदी परिवारों ने अपनी आमदनी का खुलासा नहीं किया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि सभी स्रोतों से न्यूनतम मासिक आय के आधार पर 94 लाख 42 हजार 786 परिवार आर्थिक रूप से गरीब माने जा सकते हैं. इस रिपोर्ट में कुल 2 करोड़, 76 लाख, 68 हजार 930 परिवारों की आमदनी का ब्यौरा जारी किया गया है।

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