जमुई में शराबी दामाद ने कुल्हाड़ी से ससुर को उतारा मौत के घाट, शादी के लिए जुटाए रुपयों पर थी कुत्सित नजर

झाझा/जमुई: समाज में रिश्तों की मर्यादा जब नशे और लालच की भेंट चढ़ती है, तो परिणाम रूह कंपा देने वाले होते हैं। जमुई जिले के झाझा थाना क्षेत्र अंतर्गत जरीजोर गांव में बुधवार की आधी रात एक ऐसी ही खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। एक कलयुगी दामाद ने महज चंद रुपयों और शराब की तलब को पूरा न करने पर अपने उस ससुर की बेरहमी से हत्या कर दी, जिसने उसे अपने घर में पनाह दे रखी थी। कुल्हाड़ी के वार से 70 वर्षीय वकील पुझार का जीवनलीला समाप्त कर दी गई, जिससे पूरे इलाके में सनसनी और गम का माहौल है।

आश्रयदाता ही बना शिकार: रिश्तों के कत्ल की पूरी कहानी

​घटना की जड़ें नशे की उस लत में छिपी हैं जो इंसान को हैवान बना देती है। मृतक वकील पुझार के परिजनों और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी दामाद मन्नू नैया (मन्नू पुझार), जो मूल रूप से भलडोभी गांव का निवासी है, लंबे समय से नशे का आदी था। वकील पुझार ने एक पिता का धर्म निभाते हुए अपने दामाद की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को देखते हुए उसे अपने ही घर (ससुराल) में रहने की अनुमति दे रखी थी। लेकिन उसे क्या पता था कि जिस हाथ को उसने सहारा दिया है, वही हाथ एक दिन उसकी गर्दन पर कुल्हाड़ी चलाएगा।

​बुधवार की रात करीब 11 बजे, जब पूरा गांव गहरी नींद में सोने की तैयारी कर रहा था, मन्नू नैया शराब के नशे में धुत होकर घर पहुंचा। उसके दिमाग पर सिर्फ एक ही बात सवार थी—शराब के लिए पैसा। उसने आते ही अपने ससुर से रुपयों की मांग शुरू कर दी। जब ससुर ने पैसे देने में अपनी असमर्थता जताई और उसे समझाने की कोशिश की, तो मन्नू का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया।

‘जीविका’ के कर्ज पर थी हैवान की नजर

​इस जघन्य हत्याकांड के पीछे एक मार्मिक पहलू यह भी है कि जिस रकम के लिए खून बहाया गया, वह परिवार की खुशियों के लिए जुटाई गई थी। मृतक की पत्नी ममता देवी ने बिलखते हुए बताया कि हाल ही में उन्होंने अपनी नतिनी (आरोपी की ही बेटी) की शादी तय की थी। इस शादी के खर्चों को पूरा करने के लिए परिवार ने ‘जीविका समूह’ से 10 हजार रुपये का कर्ज लिया था। बैसाख के इसी महीने में शादी संपन्न होनी थी और यह राशि घर में बहुत जतन से रखी गई थी।

​नशेबाज दामाद मन्नू की नजर इन्हीं पैसों पर थी। वह चाहता था कि ससुर वे रुपये उसे शराब पीने के लिए दे दें। जब वकील पुझार ने अपनी नतिनी के भविष्य का हवाला देते हुए पैसे देने से साफ मना कर दिया, तो मन्नू ने आपा खो दिया। हत्या को अंजाम देने से पहले उसने घर में मौजूद अपनी सास और अन्य सदस्यों के साथ गाली-गलौज की और उनके साथ मारपीट भी की।

मौत का तांडव और बेबस परिजनों की चीखें

​ममता देवी के अनुसार, रात के करीब दस-साढ़े दस बजे मन्नू ने लाठी-डंडों से उन पर और उनकी बेटी पर हमला कर दिया था। जान बचाने के लिए मां-बेटी डर के मारे घर से भागकर पड़ोस में शरण लेने चली गईं। उन्हें लगा कि शायद मन्नू का गुस्सा शांत हो जाएगा, लेकिन घर में अकेले बचे वृद्ध वकील पुझार के लिए नियति ने कुछ और ही तय कर रखा था।

​जैसे ही घर के अन्य सदस्य दूर हुए, मन्नू ने मौका पाकर घर में रखी कुल्हाड़ी (या स्थानीय भाषा में दबिया जैसा हथियार) उठा ली। उसने सो रहे या बेबस ससुर के सिर पर एक के बाद एक कई प्रहार किए। प्रहार इतने जबरदस्त थे कि वकील पुझार को संभलने का मौका तक नहीं मिला और घटनास्थल पर ही खून का फव्वारा छूट पड़ा। अत्यधिक रक्तस्राव और सिर की गंभीर चोटों के कारण उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई और आरोपी की गिरफ्तारी

​गुरुवार की सुबह जब गांव के लोगों और परिजनों ने वकील पुझार का क्षत-विक्षत शव देखा, तो गांव में कोहराम मच गया। घटना की सूचना तुरंत झाझा थाना पुलिस को दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ राजेश कुमार और थानाध्यक्ष लाल बहादुर सिंह दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने देखा कि चारों तरफ खून बिखरा हुआ था और हत्या की क्रूरता साफ झलक रही थी।

​पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए भागने की फिराक में लगे आरोपी दामाद मन्नू नैया को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया खून से सना धारदार हथियार भी बरामद कर लिया है। साक्ष्यों को सुरक्षित करने के लिए एफएसएल (विधि विज्ञान प्रयोगशाला) की टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से महत्वपूर्ण नमूने एकत्रित किए हैं।

कानूनी प्रक्रिया और प्रशासनिक रुख

​एसडीपीओ राजेश कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला पूरी तरह से पैसों के विवाद और नशे की लत से जुड़ा प्रतीत होता है। दामाद ने ही अपने ससुर की हत्या की बात लगभग स्पष्ट हो चुकी है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जमुई सदर अस्पताल भेज दिया है। आरोपी के खिलाफ हत्या की सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर उसे जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

​यह घटना न केवल एक परिवार की तबाही की दास्तां है, बल्कि समाज के उस काले सच को भी उजागर करती है जहां नशा अपनों का खून बहाने तक को मजबूर कर देता है। एक तरफ जहां सरकार शराबबंदी को लेकर सख्त है, वहीं इस तरह की घटनाएं यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि नशे की मानसिक गुलामी किस कदर ग्रामीण अंचलों में रिश्तों की बलि ले रही है। जरीजोर गांव के लोग आज भी इस मंजर को याद कर सिहर उठते हैं, जहां एक ससुर की उदारता ही उसकी मौत का कारण बन गई।

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