
पटना, बिहार सरकार ने गन्ना किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। अब राज्य में संचालित सभी गन्ना योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसानों को अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा। बिना रजिस्ट्रेशन के किसी भी योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा। गन्ना उद्योग विभाग ने राज्यभर के किसानों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपना पंजीकरण पूरा कर लें।
किसानों के लिए कई योजनाएं संचालित
राज्य सरकार गन्ना किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और खेती को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से कई योजनाएं चला रही है। इनमें मुख्यमंत्री गन्ना विकास योजना, गन्ना यंत्रीकरण योजना और बिहार राज्य गुड़ उद्योग प्रोत्साहन कार्यक्रम प्रमुख हैं। इन योजनाओं के जरिए किसानों को तकनीकी सहायता, अनुदान और प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
यंत्रीकरण पर 50-60% तक अनुदान
गन्ना यंत्रीकरण योजना के तहत किसानों को बुआई से लेकर कटाई तक के आधुनिक कृषि यंत्रों की खरीद पर 50 से 60 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जा रहा है। इससे खेती की लागत कम होगी और उत्पादन में वृद्धि होगी। सरकार का उद्देश्य है कि किसान पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर आधुनिक तकनीकों को अपनाएं।
पोर्टल के माध्यम से होगा रजिस्ट्रेशन
गन्ना उद्योग विभाग ने पंजीकरण की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बना दिया है। किसान विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर आसानी से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें 13 अंकों का डीबीटी आईडी दर्ज करना होगा और ओटीपी के जरिए सत्यापन करना होगा। इसके बाद नाम, पता, आधार और बैंक विवरण की पुष्टि कर फॉर्म सबमिट करना होगा।
रजिस्ट्रेशन के बाद मिलेगा यूनिक आईडी
प्रक्रिया पूरी होने के बाद किसानों को गन्ना पंजीकरण आईडी प्रदान की जाएगी। यही आईडी भविष्य में सभी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक होगी।
सीधे खाते में पहुंचेगा अनुदान
विभाग के अनुसार, पंजीकरण के बाद किसानों को मिलने वाली सभी सब्सिडी और अनुदान राशि सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी।
प्रशिक्षण और मार्गदर्शन भी मिलेगा
पंजीकृत किसानों को आधुनिक खेती से जुड़ी तकनीकों का प्रशिक्षण और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा। इससे किसानों की उत्पादकता और आय दोनों में सुधार होगा।
जल्द करें रजिस्ट्रेशन: विभाग की अपील
ईख आयुक्त ने सभी गन्ना किसानों से अपील की है कि वे समय रहते अपना पंजीकरण कराएं, ताकि सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का पूरा लाभ उठा सकें और खेती को अधिक लाभकारी बना सकें।


