
पटना: बिहार सरकार राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसी क्रम में आईजीआईएमएस (IGIMS), पटना परिसर में चल रहे पुनर्विकास और विस्तार कार्यों का शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि ने स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक कर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया।
स्वास्थ्य सचिव ने परिसर में निर्माणाधीन 500 बेड वाले टीचिंग अस्पताल, 1200 बेड अस्पताल, हॉस्टल और आवासीय भवनों सहित विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। अधिकारियों और निर्माण एजेंसी से उन्होंने कार्यों की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली।
समीक्षा बैठक के दौरान प्रस्तुतीकरण के माध्यम से परियोजनाओं की प्रगति से स्वास्थ्य सचिव को अवगत कराया गया। इस दौरान उन्होंने निर्माण एजेंसी को निर्देश दिया कि 500 बेड वाले टीचिंग अस्पताल का निर्माण अगले तीन माह के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस परियोजना की साप्ताहिक समीक्षा की जाएगी ताकि कार्य में किसी प्रकार की देरी न हो।
कुमार रवि ने अस्पताल के आंतरिक और बाहरी HVAC (हीटिंग, वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग) कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर पूरा करने का भी निर्देश दिया। इसके लिए 31 अगस्त 2026 की समय-सीमा तय की गई है।
उन्होंने साइट पर चिलर प्लांट, कूलिंग टावर, पंप, वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट, पाइपिंग और डक्टिंग सहित शेष सभी कार्यों को तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया, ताकि अस्पताल निर्धारित समय पर संचालन के लिए तैयार हो सके।
बैठक में 1200 बेड वाले अस्पताल, हॉस्टल और आवासीय भवनों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना का अब तक 59.24 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।
स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिया कि सभी परियोजनाओं को तय समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य आम जनता को जल्द से जल्द आधुनिक, सुलभ और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। IGIMS का यह विस्तार भविष्य में बिहार के मरीजों के लिए बड़ी राहत साबित होगा।


