खान सर की कोचिंग पर हमले के बाद सख्त होगी निगरानी? कोचिंग रेगुलेशन एक्ट की मांग तेज

पटना: राजधानी पटना में खान सर की कोचिंग पर हुए हमले के बाद बिहार में निजी कोचिंग संस्थानों के नियमन को लेकर बहस तेज हो गई है। राज्य सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने कोचिंग संस्थानों के लिए सख्त नियम बनाने की वकालत की है और शिक्षा विभाग से इस दिशा में पहल करने की अपील की है।

कोचिंग रेगुलेशन एक्ट लाने की मांग

खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि बिहार में तेजी से खुल रहे कोचिंग संस्थानों को नियंत्रित करने के लिए कोचिंग रेगुलेशन एक्ट लाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई संस्थान बिना किसी मानक और बुनियादी सुविधाओं के संचालित हो रहे हैं, जिससे छात्रों की सुरक्षा और व्यवस्था दोनों प्रभावित होती हैं।

मंत्री ने बताया कि वह व्यक्तिगत रूप से शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी से मिलकर इस संबंध में आग्रह करेंगे।

डीएम की अनुमति के बिना न खुले कोचिंग

अशोक चौधरी ने कहा कि आज छोटी-छोटी गलियों में भी कोचिंग संस्थान खुल रहे हैं, जहां न पार्किंग की व्यवस्था है और न ही पर्याप्त आवागमन की सुविधा। ऐसे में कोचिंग खोलने के लिए जिला प्रशासन की अनुमति अनिवार्य की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि बिना डीएम की अनुमति के किसी भी कोचिंग संस्थान को संचालन की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए और नियमों का सख्ती से पालन कराया जाना चाहिए।

निजी सुरक्षा और बाउंसर पर भी चर्चा

कोचिंग संस्थानों द्वारा निजी सुरक्षा गार्ड और बाउंसर रखने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि इसकी अनुमति तो है, लेकिन उससे भी अधिक जरूरी संस्थानों का उचित नियमन है। उनका मानना है कि स्पष्ट नियम और निगरानी व्यवस्था होने से विवाद और अव्यवस्था पर रोक लगाई जा सकती है।

क्यों उठी नियम बनाने की मांग?

हाल के दिनों में पटना के कई कोचिंग संस्थानों के बीच प्रतिस्पर्धा और वर्चस्व को लेकर विवाद सामने आए हैं। कुछ मामलों में मारपीट, तोड़फोड़ और पुलिस कार्रवाई तक की नौबत आ चुकी है। इन्हीं घटनाओं के बाद कोचिंग सेक्टर के लिए अलग रेगुलेटरी व्यवस्था की मांग जोर पकड़ने लगी है।

खान सर और रोशन आनंद विवाद ने बढ़ाई चर्चा

मंगलवार देर रात पटना के कदमकुआं इलाके में स्थित खान सर की कोचिंग पर कथित हमला, पथराव और तोड़फोड़ की घटना सामने आई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने ज्ञानबिंदु संस्थान के निदेशक रोशन आनंद समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।

बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच काफी समय से विवाद चल रहा था। इस घटना के बाद कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा, संचालन व्यवस्था और नियमन को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ गया है।

सरकार के फैसले पर टिकी नजरें

खान सर की कोचिंग पर हमले के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या बिहार सरकार कोचिंग संस्थानों के लिए अलग कानून या रेगुलेशन लागू करेगी। यदि ऐसा होता है तो कोचिंग संस्थानों को लाइसेंस, सुरक्षा मानक, भवन व्यवस्था और प्रशासनिक अनुमति जैसे कई नए नियमों का पालन करना पड़ सकता है। फिलहाल शिक्षा विभाग की ओर से इस संबंध में किसी आधिकारिक प्रस्ताव की घोषणा नहीं की गई है।

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