द वॉयस ऑफ बिहार | मधेपुरा/भागलपुर
मधेपुरा जिले के चौसा बाजार में मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहाँ अपनी जीविका के लिए सड़क किनारे रह रहे एक ही परिवार के तीन सदस्यों पर दबंगों ने आधी रात को जानलेवा हमला कर दिया। लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटे गए इन प्रवासियों की हालत नाजुक बनी हुई है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए भागलपुर भेजा गया है।
नींद में सो रहे परिवार पर बरसीं लाठियां
जानकारी के अनुसार, पीड़ित परिवार मूल रूप से पंजाब का रहने वाला है और पिछले कुछ समय से चौसा बाजार के पास सड़क किनारे तंबू लगाकर जड़ी-बूटी बेचने का काम कर रहा था।
- अचानक हमला: मंगलवार की रात जब पूरा परिवार गहरी नींद में था, तभी हथियारों से लैस हमलावरों ने उन पर धावा बोल दिया।
- बचाव का मौका नहीं: सोते समय हमला होने के कारण परिवार को संभलने या भागने का कोई मौका नहीं मिला। हमलावर उन्हें तब तक पीटते रहे जब तक वे अधमरे नहीं हो गए।
घायलों की पहचान और नाजुक स्थिति
इस बर्बर हमले में परिवार के तीन सदस्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं:
- शीला देवी
- चूड़ी सिंह
- विजेंद्र सिंह घायलों को पहले स्थानीय चौसा अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति (सिर और शरीर पर गहरे जख्म) को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत भागलपुर के मायागंज अस्पताल (JLNMCH) रेफर कर दिया है।
विजेंद्र सिंह ने सुनाई आपबीती: इन पर लगा आरोप
घायल विजेंद्र सिंह ने पुलिस को दिए बयान में हमलावरों के नाम उजागर किए हैं। उन्होंने बताया कि दिसंबर सिंह, पप्पू सिंह, बिरजू सिंह, कमल सिंह, राजेश सिंह और जोगिंदर सिंह ने मिलकर इस हिंसक वारदात को अंजाम दिया है। हालांकि, हमले के पीछे के मुख्य कारण का अभी तक पूरी तरह से खुलासा नहीं हो पाया है।
पुलिसिया कार्रवाई और इलाके में दहशत
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस सक्रिय हो गई है।
- जांच: पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य जुटा रही है।
- छापेमारी: नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
- दहशत: बाजार के समीप हुई इस घटना के बाद से स्थानीय दुकानदारों और अन्य प्रवासियों में डर का माहौल व्याप्त है।
द वॉयस ऑफ बिहार का टेक: प्रवासियों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल?
रोजी-रोटी की तलाश में पंजाब से आए एक गरीब परिवार पर इस तरह का संगठित हमला बिहार की कानून-व्यवस्था और अतिथि देवो भव: की परंपरा पर दाग है। सड़क किनारे सो रहे लोगों पर हमला करना न केवल कायरता है, बल्कि यह क्षेत्र में बढ़ते अपराध और दबंगई को दर्शाता है। प्रशासन को चाहिए कि हमलावरों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजे ताकि इन बेसहारा लोगों को न्याय मिल सके।


