
द वॉयस ऑफ बिहार | सुलतानगंज (भागलपुर)
भागलपुर जिले के सुलतानगंज थाना क्षेत्र में बीते 16 फरवरी को हुई सनसनीखेज गोलीबारी की घटना का पुलिस ने 48 घंटों के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले के तीनों नामजद अभियुक्तों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। इनके पास से वारदात में इस्तेमाल हथियार और भारी मात्रा में कारतूस भी बरामद किए गए हैं।
कंधे में लगी थी गोली, अस्पताल में दर्ज हुआ बयान
घटना 16 फरवरी की है, जब अपराधियों ने मदन यादव को निशाना बनाकर गोलीबारी की थी। गोली मदन यादव के कंधे में लगी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। आनन-फानन में परिजनों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। होश में आने के बाद घायल मदन यादव ने पुलिस के समक्ष अपना फर्दबयान दर्ज कराया, जिसके आधार पर छापेमारी शुरू की गई।
पुलिस की दबिश: हथियार और कारतूस बरामद
घायल के बयान पर पुलिस ने विनोद यादव, पिंकू यादव और निकेश यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। सिटी एसपी शैलेंद्र सिंह के निर्देश पर गठित टीम ने छापेमारी कर तीनों को दबोच लिया।
बरामदगी का विवरण:
- हथियार: घटना में प्रयुक्त 01 देसी कट्टा।
- अम्मो: 10 जिंदा कारतूस और 01 खोखा।
पुरानी रंजिश बनी खून-खराबे की वजह
सिटी एसपी शैलेंद्र सिंह ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि यह हमला किसी तात्कालिक कारण से नहीं, बल्कि पुरानी आपसी रंजिश का परिणाम था। मदन यादव और आरोपियों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी रंजिश को खत्म करने के इरादे से आरोपियों ने जानलेवा हमला किया था।
द वॉयस ऑफ बिहार का टेक: त्वरित कार्रवाई से अपराधियों में खौफ
सुलतानगंज जैसे व्यस्त इलाके में दिनदहाड़े गोलीबारी की घटना से स्थानीय लोगों में दहशत थी। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई और हथियारों की बरामदगी ने अपराधियों को कड़ा संदेश दिया है। हालांकि, ग्रामीण इलाकों में ‘पुरानी रंजिश’ के नाम पर बढ़ते हथियारबंद हमलों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस को सूचना तंत्र और मजबूत करना होगा।


