मुजफ्फरपुर में सनकी आशिक का खौफनाक कदम: शक में सो रही नाबालिग प्रेमिका के घर घुसकर मारी गोली; हत्या के बाद खुद चलकर पहुँचा थाना

द वॉयस ऑफ बिहार | सकरा/मुजफ्फरपुर

​मुजफ्फरपुर जिले के सकरा थाना क्षेत्र में एक नाबालिग प्रेमी की सनक ने एक घर का चिराग बुझा दिया। प्रेम प्रसंग में उपजे मामूली शक के कारण एक किशोर ने अपनी ही नाबालिग प्रेमिका की सोते समय गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात की संवेदनशीलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हत्या के बाद आरोपी खुद कई किलोमीटर पैदल चलकर सरेंडर करने थाने पहुँच गया।

नींद में ही खत्म कर दी ‘जिंदगी’

​घटना सकरा थाना क्षेत्र के एक गांव की है, जहाँ दो नाबालिगों के बीच पिछले कुछ समय से प्रेम संबंध चल रहा था।

  • विवाद की वजह: पुलिस सूत्रों के अनुसार, लड़के को शक था कि उसकी प्रेमिका किसी अन्य लड़के से भी बातचीत करती है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था।
  • खौफनाक वारदात: देर रात जब लड़की का पूरा परिवार गहरी नींद में सो रहा था, आरोपी लड़का चुपके से घर में दाखिल हुआ और सोते समय ही लड़की पर गोली चला दी। गोली लगने से नाबालिग लड़की की मौके पर ही मौत हो गई।

घरवालों को भनक तक नहीं लगी, पुलिस ने दी सूचना

​यह घटना इतनी शांति और शातिराना तरीके से अंजाम दी गई कि बगल में सो रहे परिजनों को गोली चलने की आवाज तक महसूस नहीं हुई।

  • सरेंडर: हत्या करने के बाद आरोपी सीधा सकरा थाना पहुँचा और पुलिस के सामने अपना जुर्म कुबूल कर लिया।
  • पुलिस की जांच: शुरुआत में पुलिस को उसकी बातों पर यकीन नहीं हुआ, लेकिन जब पुलिस की टीम उसे लेकर लड़की के घर पहुँची, तो वहां का मंजर देखकर सबके होश उड़ गए। बिस्तर पर खून से लथपथ छात्रा का शव देखकर परिजनों में चीख-पुकार मच गई।

जांच और गिरफ्तारी

​सकरा थाना पुलिस ने आरोपी नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया है और घटना में प्रयुक्त हथियार की तलाश की जा रही है।

  • बयान: पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है कि उसे हथियार कहाँ से उपलब्ध हुआ।
  • फॉरेंसिक जांच: मौके पर फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है ताकि साक्ष्य जुटाए जा सकें। शव को पोस्टमार्टम के लिए श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SKMCH) भेज दिया गया है।

द वॉयस ऑफ बिहार का टेक: नाबालिगों के हाथ में हथियार और बेलगाम गुस्सा

​यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है। नाबालिगों के बीच बढ़ती हिंसक प्रवृत्ति और उनके पास हथियारों की पहुंच यह सोचने पर मजबूर करती है कि हमारा युवा वर्ग किस दिशा में जा रहा है। शक की बिनाह पर अपनी ही साथी की जान ले लेना और फिर निडर होकर थाने पहुँचना अपराधी के दुस्साहस को दर्शाता है।

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