बाढ़ प्रबंधन को लेकर गृह मंत्री अमित शाह की बड़ी बैठक, बोले – “अब हमें बनना है नंबर 1”

नई दिल्ली | 12 जून 2025

देश में बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारियों को लेकर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित ‘नॉर्थ ब्लॉक’ में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में केंद्र और राज्यों के शीर्ष अधिकारी मौजूद थे। इस दौरान अमित शाह ने स्पष्ट कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आपदा प्रबंधन में दुनिया के विकसित देशों के बराबर पहुंच चुका है – और अब “हमें नंबर 1 बनना है।”

बैठक की मुख्य बातें:

🔹 ‘Zero Casualty Approach’ पर फोकस:

गृह मंत्री ने NDMA को निर्देश दिया कि राज्य और जिला स्तर पर अलर्ट सिस्टम को मजबूत किया जाए, ताकि समय पर लोगों को सतर्क किया जा सके।

🔹 पूर्वानुमान की सटीकता बढ़े:

IMD और CWC द्वारा बाढ़ पूर्वानुमान की अवधि को 3 दिन से बढ़ाकर 7 दिन किया गया है। अमित शाह ने इसकी सटीकता बढ़ाने पर भी बल दिया।

🔹 तकनीकी उपयोग पर जोर:

  • अंतरिक्ष तकनीक का अधिकतम इस्तेमाल
  • ग्लेशियर झीलों की निगरानी
  • शहरी बाढ़ नियंत्रण के लिए सॉफ्टवेयर समाधान का विकास

🔹 राजमार्गों की जल निकासी व्यवस्था मजबूत होगी:

सड़क परिवहन मंत्रालय और NHAI को निर्देश दिया गया कि राजमार्गों और राज्य सड़कों में जल निकासी को डिजाइन का हिस्सा बनाया जाए, ताकि जलभराव न हो।

🔹 वनीकरण और वेटलैंड पुनर्जीवन पर फोकस:

गृह मंत्री ने नर्मदा क्षेत्र में वन विस्तार की योजना को अन्य नदियों तक लागू करने का सुझाव दिया। उन्होंने ब्रह्मपुत्र बेसिन में वेटलैंड रिस्टोरेशन को भी प्राथमिकता देने को कहा।

बिहार और उत्तर प्रदेश के लिए विशेष निर्देश

गृह मंत्री ने खास तौर पर बिहार और उत्तर प्रदेश में बाढ़ नियंत्रण के लिए नई तकनीकों और विकल्पों को तलाशने का निर्देश दिया। इन राज्यों में हर वर्ष भारी बाढ़ का सामना होता है।

संयुक्त सम्मेलन की सिफारिश

अमित शाह ने NDMA, IMD, CWC और अन्य तकनीकी एजेंसियों को मिलकर एक राष्ट्रीय स्तर का सम्मेलन आयोजित करने का सुझाव दिया, जिसमें बाढ़, जलवायु, अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़े विशेषज्ञों को शामिल किया जाए।

मौजूद रहे प्रमुख अधिकारी और मंत्री

बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष, NDMA, NDRF, IMD, CWC, NHAI, NRSC और कई अन्य मंत्रालयों के सचिव और विशेषज्ञ अधिकारी मौजूद रहे।

सभी एजेंसियों ने मॉनसून 2025 के लिए अपनी तैयारियों की विस्तृत जानकारी गृह मंत्री को दी।

गृह मंत्री का संदेश

“हमने 2014 में मौसम विज्ञान के क्षेत्र में पिछड़ापन देखा, लेकिन आज भारत विकसित देशों के बराबर है। अब हमें आपदा प्रबंधन में भी वैश्विक स्तर पर सबसे आगे रहना है।”

— अमित शाह, गृह एवं सहकारिता मंत्री

  • Related Posts

    भागलपुर :डीडीसी ने किया नाथनगर प्रखंड का दौरा, ई-केवाईसी व किसान रजिस्ट्री कार्यों की समीक्षा, कृषक सेवाओं में तेजी लाने पर जोर

    Share Add as a preferred…

    Continue reading
    कहलगांव में भू-अर्जन को लेकर जिलाधिकारी की समीक्षा बैठक, दो रेल परियोजनाओं पर विशेष फोकस.. अनुमंडल कार्यालय में हुई अहम बैठक

    Share Add as a preferred…

    Continue reading

    प्रातिक्रिया दे

    आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *