भरत तिवारी एनकाउंटर मामला: बेलौटी गांव पहुंची जन सुराज टीम, मनोज भारती बोले- “यह एनकाउंटर नहीं, हत्या है”

भोजपुर: भोजपुर जिले के बेलौटी गांव में पुलिस एनकाउंटर के दौरान घायल हुए भरत भूषण तिवारी की मौत के बाद सियासत तेज हो गई है। शुक्रवार को Jan Suraaj Party का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश अध्यक्ष Manoj Bharti के नेतृत्व में पीड़ित परिवार से मिलने बेलौटी गांव पहुंचा।

प्रतिनिधिमंडल ने परिजनों से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और न्याय दिलाने का भरोसा दिया।

“यह एनकाउंटर नहीं, हत्या है” : मनोज भारती

भरत तिवारी एनकाउंटर मामला: बेलौटी गांव पहुंची जन सुराज टीम, मनोज भारती बोले- "यह एनकाउंटर नहीं, हत्या है"

मीडिया से बातचीत में मनोज भारती ने घटना को बेहद दुखद और निंदनीय बताते हुए कहा कि भरत तिवारी एक सामाजिक कार्यकर्ता थे और जनहित के मुद्दों को लगातार उठाते रहे थे।

उन्होंने कहा,

“यह एनकाउंटर नहीं, बल्कि हत्या है। सरकार और प्रशासन को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।”

SIT जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग

जन सुराज ने सरकार से मांग की है कि:

  • भरत तिवारी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट तत्काल सार्वजनिक की जाए।
  • मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जाए।
  • जांच पूरी होने तक कार्रवाई में शामिल सभी पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया जाए।
  • पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाए।
  • परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।

“न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा”

जन सुराज के वरिष्ठ नेता Kishore Kumar Munna ने कहा कि पुलिस प्रशासन निष्पक्ष भूमिका निभाने में विफल रहा है और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।

उन्होंने कहा,

“जन सुराज पार्टी पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखेगी।”

मनीष कश्यप ने उठाए सवाल

जन सुराज के वरिष्ठ नेता Manish Kashyap ने कहा कि पूरे घटनाक्रम पर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

उन्होंने मांग की कि:

  • पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता मिले।
  • परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
  • भरत तिवारी की स्मृति में एक स्मारक का निर्माण कराया जाए।

घटना को लेकर बढ़ रहा राजनीतिक दबाव

भरत तिवारी की मौत के बाद विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों की ओर से लगातार निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। घटना के बाद पुलिस कार्रवाई, वायरल वीडियो और पुलिस अधिकारियों पर हुई कार्रवाई को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं।

अब सभी की नजर सरकार और जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

मुख्य मांगें

  • SIT जांच का गठन
  • पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक हो
  • संबंधित अधिकारियों का निलंबन
  • 1 करोड़ रुपये मुआवजा
  • परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी
  • भरत तिवारी की स्मृति में स्मारक निर्माण

जन सुराज का कहना है कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता, पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा।

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