
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जून 2025 की अंचल रैंकिंग की सूची की जारी
पटना, 26 जुलाई 2025 — बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने राज्य के सभी 534 अंचल कार्यालयों की जून महीने की रैंकिंग जारी कर दी है। इस बार औरंगाबाद जिले का हसपुरा अंचल शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है, जिसने पिछली बार के नंबर-1 फुल्लीडुमर (बांका) को पछाड़ते हुए पहला स्थान प्राप्त किया है।
शीर्ष 10 अंचल कार्यालय (जून 2025)
| रैंक | अंचल | जिला | अंक |
|---|---|---|---|
| 1 | हसपुरा | औरंगाबाद | 88.68 |
| 2 | बैरगनिया | सीतामढ़ी | 87.50 |
| 3 | खोदाबंदपुर | बेगूसराय | 86.50 |
| 4 | लक्ष्मीपुर | जमुई | 85.35 |
| 5 | पारू | मुजफ्फरपुर | 84.76 |
| 6 | फुल्लीडुमर | बांका | 84.14 |
| 7 | चक्की | बक्सर | 83.59 |
| 8 | केसरिया | पूर्वी चंपारण | 83.57 |
| 9 | राजगीर | नालंदा | 82.98 |
| 10 | रतनी फरीदपुर | जहानाबाद | 82.82 |
अंतिम 10 अंचल कार्यालय
| रैंक | अंचल | जिला | अंक |
|---|---|---|---|
| 525 | राघोपुर | वैशाली | 54.81 |
| 526 | रानीगंज | अररिया | 54.54 |
| 527 | सासाराम | रोहतास | 52.94 |
| 528 | बरौली | गोपालगंज | 52.84 |
| 529 | बोधगया | गया | 52.45 |
| 530 | सोनबरसा | सहरसा | 52.21 |
| 531 | कोढ़ा | कटिहार | 51.80 |
| 532 | बड़हरा | भोजपुर | 50.88 |
| 533 | शाहपुर | भोजपुर | 49.53 |
| 534 | जगदीशपुर | भागलपुर | 46.93 |
रैंकिंग के आधार:
राजस्व विभाग द्वारा निर्धारित मानदंडों पर अंचलों को अंक प्रदान किए जाते हैं:
- म्यूटेशन: 20 अंक
- परिमार्जन प्लस: 25 अंक
- अभियान बसेरा-2: 15 अंक
- आधार सीडिंग: 2.5 अंक
- ऑनलाइन एलपीसी: 2.5 अंक
- ई-मापी: 15 अंक
- अतिक्रमणवाद निपटारा: 5 अंक
- जमाबंदी सुधार: 5 अंक
- सरकारी जमीन इंट्री और वेरिफिकेशन: 10 अंक
इनमें ‘परिमार्जन प्लस’ पर सर्वाधिक 25 अंक निर्धारित हैं, जिससे यह रैंकिंग में निर्णायक भूमिका निभाता है।
प्रशंसा के पात्र: कार्यप्रणाली में व्यापक सुधार
कई अंचलों ने इस माह असाधारण सुधार किया है:
- बायसी (पूर्णिया): 180वें से 11वें स्थान पर
- मंसूरचक (बेगूसराय): 47वें से 13वें स्थान पर
- खानपुर (समस्तीपुर): 324वें से 18वें स्थान पर
- सरमेरा (नालंदा): 140वें से 24वें स्थान पर
मंत्री का बयान: समीक्षा से सुधार
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री संजय सरावगी ने कहा:
“राजस्व विभाग की सेवाओं को जन-सामान्य तक समय पर पहुँचाने के लिए लगातार कार्यों की मासिक समीक्षा की जा रही है। स्वस्थ प्रतिस्पर्धा से अंचलों की कार्यप्रणाली में सुधार हो रहा है, जिससे जनता को समय पर और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल रही हैं।”


