
मोतिहारी: पूर्वी चंपारण पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है। वर्ष 2005 के चर्चित मधुबन नक्सली ब्लास्ट कांड के मुख्य आरोपी और हार्डकोर नक्सली सुरेश बैठा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पिछले करीब 20 वर्षों से फरार चल रहे इस नक्सली की गिरफ्तारी को पुलिस बड़ी उपलब्धि मान रही है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान पताही थाना क्षेत्र के नोंफरवा गांव निवासी महेंद्र बैठा के पुत्र सुरेश बैठा के रूप में हुई है।
2005 के मधुबन ब्लास्ट का था मुख्य आरोपी
पुलिस के अनुसार, सुरेश बैठा वर्ष 2005 में मधुबन प्रखंड मुख्यालय पर हुए भीषण नक्सली हमले का मुख्य आरोपी है। इस हमले में नक्सलियों ने विस्फोट कर पुलिस बल को निशाना बनाया था, जिसमें 5 पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे।
घटना के बाद मधुबन थाना में कांड संख्या 29/2005 दर्ज किया गया था। तभी से पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी, लेकिन वह लगातार फरार चल रहा था।
कई नक्सली वारदातों में रही संलिप्तता
पुलिस का कहना है कि सुरेश बैठा केवल मधुबन ब्लास्ट ही नहीं, बल्कि जिले में हुई कई अन्य नक्सली घटनाओं में भी सक्रिय रहा है। उस पर लेवी वसूली, पुलिस टीमों पर हमला करने और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप हैं।
विशेष टीम ने दबोचा
पताही थाना प्रभारी बबन कुमार ने बताया कि विशेष टीम द्वारा लंबे समय से आरोपी की तलाश की जा रही थी। गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया गया।
उन्होंने कहा कि मधुबन ब्लास्ट कांड में उसकी मुख्य भूमिका थी और वह लंबे समय से कानून से बचता फिर रहा था।
पूछताछ में हो सकते हैं बड़े खुलासे
गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब सुरेश बैठा से गहन पूछताछ कर रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान जिले में सक्रिय नक्सली नेटवर्क, फरार नक्सलियों और पुराने लंबित मामलों से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं।
नक्सल नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई
पूर्वी चंपारण पुलिस के अनुसार, वर्ष 2005 के बाद जिले में नक्सली गतिविधियों पर लगातार कार्रवाई की गई है। संयुक्त अभियान के दौरान कई बड़े नक्सली मारे गए या गिरफ्तार किए गए हैं। ऐसे में सुरेश बैठा की गिरफ्तारी को नक्सल विरोधी अभियान की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
शहीद जवानों के परिवारों को इंसाफ की उम्मीद
करीब दो दशक पहले मधुबन ब्लास्ट में शहीद हुए पांच पुलिसकर्मियों के परिजन लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। पुलिस का मानना है कि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी से अब इस बहुचर्चित मामले की कानूनी प्रक्रिया में तेजी आएगी।
पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।


