
भागलपुर: तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) एक बार फिर आंदोलन का केंद्र बन गया है। सोमवार को विश्वविद्यालय परिसर में अतिथि शिक्षकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान शिक्षकों ने बिहार सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और नई शिक्षक नियमावली-2026 तथा प्रस्तावित बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम-2026 का विरोध जताया।
अतिथि शिक्षक संघ के अध्यक्ष आनंद आजाद ने बताया कि आंदोलन दो प्रमुख मुद्दों को लेकर किया जा रहा है। पहला, बिहार सरकार की नई शिक्षक नियमावली-2026 और दूसरा बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम-2026 का प्रस्तावित स्वरूप।
उन्होंने आरोप लगाया कि नई नियमावली में शिक्षकों की अधिकतम आयु सीमा 55 वर्ष से घटाकर 43 वर्ष करने का प्रस्ताव है, जिसका अतिथि शिक्षक विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि नियुक्ति प्रक्रिया में शोध पत्रों और शिक्षण अनुभव को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया है। साथ ही डोमिसाइल नीति लागू नहीं की गई है और वर्षों से कार्यरत अतिथि शिक्षकों के भविष्य को लेकर भी कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं किया गया है।
अतिथि शिक्षक संघ ने सरकार से इन सभी बिंदुओं पर पुनर्विचार करने की मांग की है। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा तथा जनआंदोलन के माध्यम से सरकार पर दबाव बनाया जाएगा।
धरना-प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक मौजूद रहे और उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में एकजुटता का प्रदर्शन किया।


