
नई दिल्ली:केंद्र सरकार ने देश में प्राकृतिक गैस की आपूर्ति से जुड़े अधिकांश अस्थायी प्रतिबंध हटा दिए हैं। यह फैसला पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) की आपूर्ति सामान्य होने के बाद लिया गया है। सरकार का मानना है कि इस निर्णय से घरेलू गैस आपूर्ति मजबूत होगी, उद्योगों को राहत मिलेगी और ऊर्जा क्षेत्र में स्थिरता आएगी।
मार्च में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने गैस, एलपीजी और डीजल की आपूर्ति पर कुछ अस्थायी नियंत्रण लागू किए थे। अब हालात सामान्य होने के बाद इन प्रतिबंधों को चरणबद्ध तरीके से हटाने का फैसला किया गया है।
एलएनजी की आपूर्ति सामान्य होने से बढ़ा भरोसा
सरकारी सूत्रों के अनुसार, होर्मुज जलमार्ग से एलएनजी की आपूर्ति दोबारा सुचारु होने लगी है। भारत के लिए उर्वरक, कच्चा माल और ऊर्जा संसाधन लेकर आने वाले कई जहाज सुरक्षित रूप से अपने गंतव्य तक पहुंच चुके हैं। इससे देश में गैस उपलब्धता को लेकर बनी अनिश्चितता काफी हद तक खत्म हो गई है।
केंद्रीय उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा ने भी कहा है कि एलएनजी और कच्चे माल से जुड़े जहाजों के सुरक्षित पहुंचने से उर्वरक भंडार में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे आगामी कृषि सीजन में उर्वरकों की उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिलेगी।
आम उपभोक्ताओं और उद्योगों को मिलेगा फायदा
सरकार के फैसले का सबसे बड़ा लाभ घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ गैस आधारित उद्योगों को मिलेगा। अब सीएनजी, पीएनजी और एलपीजी की आपूर्ति पहले की तुलना में अधिक सुचारु रहने की उम्मीद है। इससे गैस की कमी की आशंका कम होगी और परिवहन, घरेलू उपयोग तथा औद्योगिक गतिविधियों पर सकारात्मक असर पड़ेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि गैस आधारित उद्योगों जैसे उर्वरक, स्टील, कांच, सिरेमिक और अन्य विनिर्माण क्षेत्रों को उत्पादन बनाए रखने में राहत मिलेगी। साथ ही आपूर्ति सामान्य होने से उत्पादन लागत पर दबाव कम होगा, जिसका असर कई उत्पादों की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।
ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार की नजर
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश की ऊर्जा सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर स्थिति के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल एलएनजी आपूर्ति सामान्य होने और समुद्री मार्ग सुरक्षित रहने से ऊर्जा क्षेत्र में राहत का माहौल है।
बाजार में बढ़ेगा भरोसा
ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि गैस आपूर्ति सामान्य होने से उद्योगों का विश्वास मजबूत होगा और उत्पादन गतिविधियों को गति मिलेगी। इससे देश की ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला अधिक स्थिर होगी और भविष्य में किसी भी संभावित संकट से निपटने की तैयारी भी बेहतर हो सकेगी। सरकार का यह फैसला उद्योग, व्यापार और आम उपभोक्ताओं—तीनों के लिए राहत भरा माना जा रहा है।


