पटना, 18 जुलाई | पटना के प्रतिष्ठित पारस अस्पताल में गुरुवार को हुए सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे राज्य में हलचल मचा दी है। ICU में भर्ती कुख्यात गैंगस्टर चंदन मिश्रा की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या के पीछे शेरू गैंग का हाथ बताया जा रहा है। पुलिस इस मामले में तौसीफ बादशाह को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
घोषणा कर के करता था हत्या
बक्सर निवासी चंदन मिश्रा को अपराध की दुनिया में उसके दुस्साहस और खुलेआम हत्या की घोषणाओं के लिए जाना जाता था। 2011 में चूना व्यवसायी राजेन्द्र केसरी की हत्या उसने रंगदारी न मिलने पर दिनदहाड़े कर दी थी। हत्या से एक दिन पहले उसने सार्वजनिक रूप से ऐलान किया था, “कल मारेंगे।” यह वारदात उसने शेरू सिंह के साथ मिलकर अंजाम दी थी।
शेरू से दोस्ती, फिर दुश्मनी
शुरुआत में चंदन और शेरू साथी थे और एक साथ कई संगीन वारदातों को अंजाम देते थे। लेकिन समय के साथ दोनों के बीच वर्चस्व और पैसों को लेकर विवाद हो गया और वे अलग हो गए। इसके बाद शेरू ने खुद का गैंग बना लिया, जो आरा के तनिष्क लूटकांड में भी शामिल रहा।
अब पुलिस का मानना है कि चंदन की हत्या उसी पुराने दुश्मनी का परिणाम है, और इसके पीछे शेरू गैंग की संलिप्तता है।
कई जिलों में हत्या और फिरौती का नेटवर्क
चंदन मिश्रा पर हत्या, अपहरण, फिरौती, रंगदारी और आर्म्स एक्ट के तहत दर्जनों मामले दर्ज हैं। वह बक्सर, भागलपुर और पटना की जेलों में बंद रहा। दो पुलिसकर्मियों की हत्या के आरोप में भी उसका नाम सामने आया था।
पैरोल पर बाहर, लौटने से एक दिन पहले मारा गया
चंदन मिश्रा को 12 फरवरी 2020 को पटना हाईकोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। 2 जुलाई 2025 को वह 15 दिन की पैरोल पर इलाज के लिए पटना के बेऊर जेल से बाहर आया था। 18 जुलाई को उसे जेल वापस लौटना था, लेकिन 17 जुलाई को उसकी हत्या कर दी गई।
बताया जा रहा है कि वह पारस अस्पताल में बवासीर का ऑपरेशन करवा रहा था और उसी दौरान शूटरों ने ICU में घुसकर उसकी हत्या कर दी।
कौन था चंदन मिश्रा?
- जिला: बक्सर
- अपराध: हत्या, फिरौती, लूट, अपहरण, आर्म्स एक्ट
- मुख्य वारदात: 2011 में चूना व्यवसायी की ऐलान कर हत्या
- सजा: उम्रकैद
- साथी: पूर्व में शेरू सिंह (अब दुश्मन)
- हत्या की आशंका: शेरू गैंग पर शक


