
दिनांक: 06 मई 2025भारत का पहला मानव अंतरिक्ष मिशन ‘गगनयान’ अब तेजी से अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने हाल ही में इस महत्वाकांक्षी मिशन से जुड़ी कई अहम प्रगति की जानकारी दी है, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि देश का पहला मानव अंतरिक्ष यान अब ज्यादा दूर नहीं।
अक्टूबर 2023 में ISRO ने पहला टेस्ट व्हीकल डेमोंस्ट्रेशन (TV-D1) सफलतापूर्वक किया, जिसमें क्रू एस्केप सिस्टम की कार्यक्षमता का परीक्षण किया गया। यह परीक्षण इस मिशन के सबसे जरूरी हिस्सों में से एक था, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि आपात स्थिति में अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित निकाला जा सके।
इसके बाद अगला परीक्षण (TV-D2) वर्ष 2024 की दूसरी तिमाही में प्रस्तावित है, जो विभिन्न स्थितियों में एबॉर्ट सिस्टम की कार्यक्षमता को परखेगा।
ISRO ने गगनयान मिशन के लिए उपयोग किए जाने वाले ह्यूमन रेटेड लॉन्च व्हीकल (HLVM3) के तकनीकी परीक्षणों में भी महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की हैं। इसके साथ ही श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र पर लॉन्चपैड में आवश्यक बदलाव कर उसे मानव मिशन के अनुकूल बनाया गया है।
मिशन के तहत चयनित अंतरिक्ष यात्रियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है, जिसमें सुरक्षा, जीवन रक्षक प्रणालियाँ, और अंतरिक्ष में कार्य करने से जुड़े विभिन्न पहलुओं की गहन जानकारी दी जा रही है।
ISRO के अनुसार, गगनयान मिशन न केवल भारत को विश्व के गिने-चुने मानव अंतरिक्ष मिशन सम्पन्न देशों की सूची में शामिल करेगा, बल्कि यह देश की वैज्ञानिक, तकनीकी और रणनीतिक क्षमता का प्रतीक भी बनेगा।


