
बिहार के मुजफ्फरपुर में NEET परीक्षा का फर्जी प्रश्नपत्र बेचकर छात्रों और अभिभावकों से ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। मामले में पुलिस ने चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले गिरोह के सरगना मनीष झा को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अब तक इस मामले में कुल पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि 2 जून को पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बालूघाट स्थित एक किराये के मकान से NEET परीक्षा का फर्जी प्रश्नपत्र तैयार कर टेलीग्राम के माध्यम से बेचा जा रहा है। सूचना के आधार पर तत्काल कार्रवाई करते हुए छापेमारी की गई और मुख्य आरोपी मनीष झा को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने उसके पास से चार मोबाइल फोन और एक लैपटॉप बरामद किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर विशेष जांच टीम का गठन किया गया। सिटी एसपी के पर्यवेक्षण और एएसपी नगर-1 के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी एवं मानवीय सूचनाओं के आधार पर लगातार छापेमारी अभियान चलाया।
जांच के दौरान पुलिस ने नगर थाना क्षेत्र से हर्ष, अमन कुमार, कन्हैया कुमार उर्फ मानव तथा सिकंदरपुर थाना क्षेत्र से हर्ष कनोडिया को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे टेलीग्राम पर छात्रों और उनके अभिभावकों को NEET का प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का झांसा देकर ऑनलाइन पैसे वसूलते थे।
पुलिस के अनुसार ठगी से प्राप्त राशि मुख्य आरोपी मनीष झा तक पहुंचाई जाती थी। गिरफ्तार आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। अब पुलिस इस पूरे साइबर ठगी नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के नाम पर छात्रों और अभिभावकों को ठगने वाले ऐसे गिरोहों के खिलाफ आगे भी सख्त अभियान जारी रहेगा।


