हजारीबाग जेल से भारी सुरक्षा में पैतृक गांव मशरक पहुंचे, अंतिम संस्कार में भावुक हुए
सारण, 6 जुलाई 2025:डबल मर्डर केस में आजीवन कारावास की सजा काट रहे महाराजगंज के पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह को अपने छोटे भाई दीनानाथ सिंह की अंत्येष्टि में शामिल होने के लिए पैरोल मिली है। शुक्रवार देर रात वे झारखंड के हजारीबाग जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच सारण जिले के मशरक स्थित अपने पैतृक गांव पहुंचे।
शनिवार सुबह उनके आवास से दीनानाथ सिंह की शवयात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। परिवार के सभी सदस्यों ने दिवंगत के पार्थिव शरीर को कंधा दिया। प्रभुनाथ सिंह भी इस दौरान भावुक हो उठे और अंतिम विदाई देते वक्त फफक-फफक कर रो पड़े। उन्हें इस अवस्था में देखकर समर्थकों और परिजनों की आंखें भी नम हो गईं।
दिल्ली में इलाज के दौरान हुआ निधन
दीनानाथ सिंह को 2017 में विधायक अशोक सिंह हत्याकांड में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। 24 अक्टूबर 2018 से वे हजारीबाग की जेपी केंद्रीय कारा में बंद थे। बीमारी के कारण उन्हें 6 मई 2025 को रांची रिम्स में भर्ती कराया गया था, जहां से 27 मई को स्थिति बिगड़ने पर दिल्ली एम्स रेफर किया गया। इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।
राजनैतिक पृष्ठभूमि वाला परिवार
दीनानाथ सिंह, प्रभुनाथ सिंह के छोटे भाई थे। परिवार का गहरा राजनीतिक इतिहास रहा है। एक भाई केदारनाथ सिंह बनियापुर से विधायक हैं, जबकि भतीजा रणधीर सिंह भी विधायक रह चुके हैं। दीनानाथ सिंह के पुत्र युवराज सुधीर सिंह भी राजनीति में सक्रिय हैं और आगामी चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं।
सजायाफ्ता हैं प्रभुनाथ सिंह
प्रभुनाथ सिंह को 1995 के विधानसभा चुनाव के दौरान छपरा के मसरख में बूथ पर हुई गोलीबारी में दो लोगों की हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट से आजीवन कारावास की सजा मिली है। इसके अलावा एक अन्य हत्या मामले में वे वर्तमान में हजारीबाग जेल में बंद हैं।


