
भागलपुर। जिले के नाथनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत रत्तीपुर बेरिया के पास रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में पांच वर्षीय मासूम की मौत हो गई। तेज रफ्तार और अनियंत्रित ट्रैक्टर की चपेट में आने से बच्चे की जान चली गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि गांव में भी मातम का माहौल बना हुआ है।
मृतक की पहचान रत्तीपुर बेरिया निवासी पिंटू साह के पांच वर्षीय पुत्र प्रेम कुमार के रूप में की गई है। परिवार के अनुसार प्रेम कुमार एक चंचल और मासूम बच्चा था, जिसकी अचानक हुई मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। किसी ने भी नहीं सोचा था कि घर से सामान्य रूप से निकला बच्चा कुछ ही मिनटों में हमेशा के लिए दुनिया छोड़ जाएगा।
मृतक के चाचा पप्पू साह ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि रविवार दोपहर करीब दो बजे प्रेम कुमार पैदल घर से पास की दुकान की ओर जा रहा था। रास्ता सामान्य दिनों की तरह व्यस्त था और लोग अपने-अपने काम में लगे हुए थे। इसी दौरान अचानक तेज गति से आ रहे एक ट्रैक्टर ने बच्चे को जोरदार टक्कर मार दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रैक्टर की रफ्तार काफी तेज थी और चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख पाया। देखते ही देखते ट्रैक्टर सीधे बच्चे की ओर बढ़ गया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, मासूम ट्रैक्टर की चपेट में आ गया। टक्कर इतनी भयावह थी कि बच्चा करीब 20 से 25 फीट तक ट्रैक्टर के साथ घिसटता चला गया।
घटना इतनी दर्दनाक थी कि मौके पर मौजूद लोग सहम गए। आसपास मौजूद लोगों में अचानक अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने शोर मचाकर ट्रैक्टर को रुकवाने की कोशिश की, लेकिन तब तक मासूम गंभीर रूप से घायल हो चुका था। स्थानीय लोग तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े और बच्चे को बचाने की कोशिश में जुट गए।
घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों और स्थानीय लोगों की मदद से गंभीर रूप से घायल प्रेम कुमार को इलाज के लिए जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (जेएलएनएमसीएच), मायागंज ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने के बाद चिकित्सकों की टीम ने बच्चे का इलाज शुरू किया और उसे बचाने की हरसंभव कोशिश की।
डॉक्टरों ने लगातार चिकित्सकीय प्रयास किए, लेकिन गंभीर चोटों और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण बच्चे की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। काफी कोशिशों के बावजूद चिकित्सक उसकी जान नहीं बचा सके और इलाज के दौरान प्रेम कुमार ने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों द्वारा मौत की पुष्टि होते ही परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
अस्पताल परिसर में बच्चे की मौत की खबर मिलते ही परिवार के सदस्यों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। मां और अन्य परिजन बदहवास होकर रोने लगे। वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। एक मासूम की असमय मौत ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया।
घटना की सूचना मिलते ही नाथनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल ट्रैक्टर को जब्त कर लिया है। साथ ही चालक की पहचान और घटना की परिस्थितियों की जांच भी शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
प्राथमिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई। साथ ही कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।
परिजनों ने बताया कि मृतक के पिता पिंटू साह महाराष्ट्र में मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। वे रोजगार के सिलसिले में लंबे समय से बाहर रह रहे थे। बेटे की मौत की खबर मिलते ही वे महाराष्ट्र से भागलपुर के लिए रवाना हो गए हैं। परिवार के लिए यह दुख और भी गहरा है क्योंकि पिता अपने बेटे को आखिरी बार भी नहीं देख सके।
गांव के लोगों ने बताया कि प्रेम कुमार बेहद मासूम और सबका प्रिय बच्चा था। उसकी हंसी और चंचल स्वभाव से पूरा मोहल्ला परिचित था। उसकी अचानक मौत ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया है। लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाएं सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में भारी वाहनों की रफ्तार पर नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। उनका कहना है कि रिहायशी इलाकों और गांव की सड़कों पर तेज गति से चलने वाले वाहन लगातार खतरा बने हुए हैं। यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में भी ऐसे हादसे हो सकते हैं।
यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन की जरूरत को सामने लाता है। खासकर रिहायशी क्षेत्रों में भारी वाहनों की लापरवाही कई बार मासूम जिंदगियों पर भारी पड़ती है। फिलहाल पूरे गांव में शोक का माहौल है और परिवार गहरे सदमे में है। हर किसी की जुबान पर सिर्फ एक ही सवाल है— आखिर इस मासूम की क्या गलती थी।


