दरभंगा में इश्क का खूनी अंजाम: शिवशंकर की चाकू गोदकर हत्या, पुलिस ने 12 घंटे के भीतर आरोपियों को दबोचा, मुख्य अभियुक्त PMCH में भर्ती

  • ​दरभंगा जिले के सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के अस्थुआ गांव में प्रेम प्रसंग को लेकर उपजे विवाद ने एक 25 वर्षीय युवक की जान ले ली।
  • ​सिंहवाड़ा पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए वारदात के महज 12 घंटे के भीतर हत्याकांड का सफल उद्भेदन कर एक महिला समेत चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया।
  • ​पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किया गया खून से सना चाकू और तीन मोबाइल फोन आरोपियों के पास से बरामद किए हैं।
  • ​मुख्य आरोपी आलोक राय वारदात के दौरान खुद भी घायल हो गया था, जिसका पुलिस अभिरक्षा में पटना के पीएमसीएच में इलाज चल रहा है।

दरभंगा (द वॉयस ऑफ बिहार)

अस्थुआ गांव में प्रेम प्रसंग के विवाद में चाकूबाजी और युवक की मौत

दरभंगा जिले के सिंहवाड़ा थाना अंतर्गत अस्थुआ गांव में उस समय हड़कंप मच गया जब प्रेम प्रसंग के चलते एक युवक पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, 28 मार्च 2026 को सिंहवाड़ा थानाध्यक्ष को सूचना मिली कि गांव में दो पक्षों के बीच प्रेम प्रसंग को लेकर हिंसक झड़प हुई है। इस मारपीट के दौरान शिवशंकर कुमार (उम्र 25 वर्ष), जो गणेश ठाकुर का पुत्र था, उसे चाकू मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत सक्रिय हुई और भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंची। घायल युवक को लहूलुहान हालत में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी सांसें टूट गईं और उसकी मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल व्याप्त हो गया, जिसे देखते हुए पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लिया और जांच की रफ्तार तेज कर दी।

पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई और 12 घंटे के भीतर चार अभियुक्तों की गिरफ्तारी

हत्या की इस संगीन वारदात के बाद दरभंगा पुलिस ने इसे एक चुनौती के रूप में लिया। वरीय पुलिस अधिकारियों के दिशा-निर्देशन में सिंहवाड़ा थानाध्यक्ष ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया और मृतक के परिजनों व ग्रामीणों से महत्वपूर्ण जानकारी एकत्रित की। आधुनिक जांच पद्धतियों का सहारा लेते हुए एफएसएल (FSL) टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने वैज्ञानिक साक्ष्य संकलित किए। तकनीकी टीम की मदद से संदिग्धों के ठिकाने का पता लगाया गया और महज 12 घंटे के भीतर पुलिस ने तीन पुरुषों और एक महिला सहित कुल चार आरोपियों को दबोच लिया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने अपराधियों के बीच कड़ा संदेश भेजा है। गिरफ्तार किए गए लोगों में गुलाब राय, उसकी पत्नी मिथलेश देवी और जितु राय शामिल हैं, जबकि मुख्य आरोपी आलोक राय पुलिस की निगरानी में अस्पताल में भर्ती है।

हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद और मुख्य आरोपी आलोक राय का पीएमसीएच में इलाज

जांच के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता तब मिली जब अभियुक्तों के घर से वह चाकू बरामद कर लिया गया जिससे शिवशंकर पर हमला किया गया था। इसके साथ ही तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं, जो घटना की कड़ियों को जोड़ने में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। इस हत्याकांड का मुख्य सूत्रधार आलोक राय (पिता गुलाब राय) भी इस झड़प के दौरान जख्मी हो गया था। वर्तमान में उसका पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच पटना के पीएमसीएच (PMCH) में इलाज चल रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही आलोक राय की स्थिति में सुधार होगा और उसे अस्पताल से छुट्टी मिलेगी, उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा। पुलिस अब इस मामले के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है ताकि अदालत में ठोस साक्ष्य पेश किए जा सकें।

नए भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत प्राथमिकी दर्ज और कानूनी कार्रवाई तेज

मृतक शिवशंकर कुमार के परिजनों के फर्दबयान के आधार पर सिंहवाड़ा पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस संबंध में सिंहवाड़ा थाना कांड संख्या 101/26 दर्ज किया गया है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 126 (2), 103 (1), 109 और 3 (5) के तहत आरोप लगाए गए हैं। ये धाराएं हत्या, आपराधिक साजिश और साझा इरादे से किए गए अपराधों से संबंधित हैं। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि इस हत्याकांड में क्या इन चार लोगों के अलावा भी किसी और की भूमिका थी। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है ताकि उन्हें जल्द से जल्द और कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।

गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण और उनके विरुद्ध ठोस साक्ष्य संकलन

पुलिस की गिरफ्त में आए अभियुक्तों में आलोक राय के अलावा उसका पिता गुलाब राय और मां मिथलेश देवी भी शामिल हैं। इसके अलावा जितु राय (पिता निरंजन राय) को भी गिरफ्तार किया गया है, जो अस्थुआ गांव का ही निवासी है। पुलिस का मानना है कि इन सभी ने मिलकर शिवशंकर की हत्या की योजना बनाई और वारदात को अंजाम दिया। पकड़े गए अभियुक्तों से पूछताछ में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जो प्रेम प्रसंग के इस विवाद को पूरी तरह स्पष्ट करते हैं। एफएसएल द्वारा जुटाए गए वैज्ञानिक साक्ष्य और तकनीकी टीम द्वारा खंगाले गए मोबाइल डेटा से इस केस को अभियोजन पक्ष के लिए बेहद मजबूत बना दिया गया है।

छापामारी दल में शामिल पुलिस पदाधिकारियों की सतर्कता से मिली सफलता

इस जटिल हत्याकांड को सुलझाने में सिंहवाड़ा थाना के जांबाज अधिकारियों की अहम भूमिका रही है। थानाध्यक्ष पु०अ०नि० बसंत कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई थी, जिसमें पु०अ०नि० कमलेश कुमार मिश्र, दिलीप कुमार, ब्रम्हदेव दास, विकांत कुमार और अजय कुमार पाल जैसे अधिकारी शामिल थे। इसके अलावा स०अ०नि० नवलेश कुमार, पी०टी०सी० मुकेश कुमार और थाना रिजर्व बल के जवानों ने छापेमारी में महत्वपूर्ण योगदान दिया। पुलिस टीम ने पूरी रात सक्रिय रहकर आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी और उन्हें भागने का मौका नहीं दिया। दरभंगा पुलिस की इस सक्रियता की चारों ओर सराहना हो रही है, क्योंकि समय पर हुई गिरफ्तारी से गांव में बड़ी हिंसा भड़कने की आशंका टल गई।

अस्थुआ गांव में शांति बहाली हेतु पुलिस की निरंतर निगरानी

शिवशंकर की मौत के बाद अस्थुआ गांव में मातम और आक्रोश का संगम देखा जा रहा है। एक युवा की अचानक हुई मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में फिर से कोई अप्रिय घटना न हो, इसके लिए दरभंगा पुलिस ने वहां अतिरिक्त बल की तैनाती की है और निरंतर गश्ती की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने और कानून पर भरोसा रखने की अपील की है। प्रेम प्रसंग के कारण उपजी यह रंजिश एक हंसते-खेलते परिवार के लिए त्रासदी बन गई। द वॉयस ऑफ बिहार की टीम लगातार इस मामले पर नजर बनाए हुए है और कानूनी प्रक्रिया की हर अपडेट आप तक पहुंचाती रहेगी।

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