पूर्णियाँ में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़: निर्माणाधीन मकान में छिपे थे ‘सिंटू सिंह’ और उसके गुर्गे, गोलीबारी के बाद पांच गिरफ्तार

  • ​पूर्णियाँ कॉलेज के समीप निर्माणाधीन मकान में घेराबंदी के दौरान अपराधियों ने पुलिस टीम पर की अचानक फायरिंग।
  • ​मधुबनी और के.हाट थाना की संयुक्त कार्रवाई में सरसी का कुख्यात सिद्ध सिंह उर्फ सिंटू सिंह अपने सहयोगियों के साथ दबोचा गया।
  • ​उत्तर प्रदेश के कासगंज और एटा से आए अपराधियों के साथ मिलकर किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की फिराक में था गिरोह।
  • ​मौके से दो राइफल, 53 जिंदा कारतूस, फॉर्च्यूनर और स्कॉर्पियो जैसी लग्जरी गाड़ियां और भारी मात्रा में सामान बरामद।

पूर्णियाँ (द वॉयस ऑफ बिहार)।

अंधेरी रात में गूंजी गोलियों की तड़तड़ाहट और पुलिस की आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई

पूर्णियाँ जिले की पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है, जहां मधुबनी और के.हाट थाना की संयुक्त टीम ने मुठभेड़ के बाद पांच शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। घटना 29 मार्च 2026 की है, जब मधुबनी थानाध्यक्ष को यह गुप्त सूचना मिली कि मधुबनी थाना कांड संख्या 73/26 का मुख्य फरार अभियुक्त सिद्ध सिंह उर्फ सिंटू सिंह अपने कुछ सहयोगियों के साथ के.हाट थाना क्षेत्र के पूर्णियाँ कॉलेज के पास एक निर्माणाधीन मकान में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत उस मकान की घेराबंदी शुरू कर दी। जैसे ही पुलिस बल ने मकान को चारों तरफ से घेरना शुरू किया, अंदर छिपे अपराधियों ने पुलिस पर अचानक अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। गोलियों की तड़तड़ाहट से इलाका दहल उठा, जिसके बाद पुलिस ने भी हार नहीं मानी और आत्मरक्षा में एक राउंड फायर किया। पुलिस की इस जवाबी कार्रवाई और कड़े तेवर को देखकर अपराधियों के हौसले पस्त हो गए और वे मकान से निकलकर भागने की कोशिश करने लगे।

उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार के विभिन्न जिलों के अपराधियों का खतरनाक गठजोड़

भागने की कोशिश कर रहे अपराधियों का पीछा करते हुए पुलिस बल ने त्वरित कार्रवाई की और मौके से पांच अभियुक्तों को धर दबोचा। हालांकि, इस अफरातफरी का फायदा उठाकर 2 से 3 अपराधी भागने में सफल रहे, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छापेमारी अभी भी जारी है। पकड़े गए अपराधियों की पहचान ने पुलिस को भी चौंका दिया है, क्योंकि इसमें बिहार के अलावा उत्तर प्रदेश के अपराधी भी शामिल थे। गिरफ्तार मुख्य अभियुक्त सिद्ध सिंह उर्फ सिंटू सिंह सरसी थाना क्षेत्र का रहने वाला है। उसके साथ भागलपुर के गोपालपुर का रुपेश कुमार यादव, कटिहार के फलका थाना क्षेत्र का शुभम कुमार और उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले का मुकेश सिंह व एटा जिले का नरसिंह भी पकड़ा गया है। अपराधियों का यह अंतरराज्यीय गठजोड़ किसी बड़ी आपराधिक योजना की ओर इशारा कर रहा है, जिसके तार कई जिलों से जुड़े होने की संभावना है।

निर्माणाधीन मकान को बना रखा था सुरक्षित ठिकाना, लग्जरी गाड़ियों से चल रहा था खेल

मुठभेड़ के बाद जब पुलिस ने घटनास्थल की विधिवत तलाशी ली, तो वहां से भारी मात्रा में अवैध हथियार और अन्य सामान बरामद हुए। तलाशी के दौरान पुलिस ने 0.315 बोर की दो राइफलें और कुल 53 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा, मौके से दो खोखे भी मिले हैं जो अपराधियों द्वारा की गई फायरिंग की पुष्टि करते हैं। अपराधियों की विलासिता और उनके रसूख का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पुलिस ने मौके से एक फॉर्च्यूनर और एक स्कॉर्पियो गाड़ी भी जब्त की है। इन लग्जरी गाड़ियों का इस्तेमाल संभवतः सुरक्षित आवाजाही और अपराध को अंजाम देने के लिए किया जाता था। पुलिस ने पांच मोबाइल फोन और दो राइफल के लाइसेंस भी बरामद किए हैं, जिनकी सत्यता की जांच की जा रही है कि वे असली हैं या फर्जी तरीके से बनवाए गए थे।

मधुबनी और के.हाट थाना की सूझबूझ से टली एक बड़ी आपराधिक वारदात

इस पूरी छापेमारी और गिरफ्तारी अभियान में पूर्णियाँ पुलिस की टीम ने अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय दिया है। वरीय अधिकारियों के निर्देशानुसार, के.हाट थानाध्यक्ष उदय कुमार और मधुबनी थानाध्यक्ष सूरज कुमार के नेतृत्व में इस विशेष टीम का गठन किया गया था। टीम में पु०अ०नि० नेहा कुमारी, परि०पु०अ०नि० गुलशन कुमार, सागर कुमार और जिला आसूचना इकाई (DIU) के सदस्य भी शामिल थे। पुलिस की इस तत्परता ने न केवल एक वांछित अपराधी को सलाखों के पीछे पहुंचाया, बल्कि उत्तर प्रदेश और बिहार के अपराधियों के इस खतरनाक नेटवर्क को भी ध्वस्त कर दिया। पुलिस के अनुसार, सिंटू सिंह का पकड़ा जाना अपराध नियंत्रण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि वह लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर चल रहा था और मधुबनी थाना के एक महत्वपूर्ण केस में नामजद था।

फरार अपराधियों की तलाश में सीमावर्ती इलाकों में नाकेबंदी और छापेमारी तेज

गिरफ्तार पांचों अपराधियों से पुलिस द्वारा सघन पूछताछ की जा रही है ताकि उनके फरार साथियों और उनके भविष्य के मंसूबों का पता लगाया जा सके। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पूरे जिले में गश्त बढ़ा दी गई है और जिले की सीमाओं पर सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। छापेमारी दल में शामिल पुलिस कर्मियों और जिला आसूचना इकाई की इस सफलता ने अपराधियों के बीच कड़ा संदेश भेजा है। पुलिस का कहना है कि फरार 2-3 अपराधियों की पहचान लगभग सुनिश्चित कर ली गई है और वे जल्द ही कानून के शिकंजे में होंगे। बरामद हथियारों और लग्जरी गाड़ियों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे किन-किन वारदातों में इस्तेमाल किए गए थे। पूर्णियाँ पुलिस ने एक बार फिर अपना संकल्प “संकल्प हमारा” दोहराते हुए यह स्पष्ट कर दिया है कि जिले में कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।

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