मोतिहारी में नकली पेट्रोल-डीजल सिंडिकेट का भंडाफोड़, 9600 लीटर अवैध ईंधन जब्त, 5 गिरफ्तार

बिहार की मोतिहारी पुलिस ने नकली पेट्रोल-डीजल के बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए 9600 लीटर से अधिक अवैध ईंधन बरामद किया है। रामगढ़वा थाना क्षेत्र में गुप्त सूचना के आधार पर की गई सघन छापेमारी में पुलिस ने पांच तस्करों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान नकली ईंधन तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण और वाहन भी जब्त किए गए हैं।

गुप्त सूचना पर बनी स्पेशल टीम

पुलिस को सूचना मिली थी कि रामगढ़वा–रक्सौल नेशनल हाईवे पर तेल टैंकर और ट्रक चालकों से सांठगांठ कर पेट्रोल, डीजल और मोटर स्प्रिट की चोरी की जा रही है। चोरी किए गए ईंधन में केमिकल मिलाकर नकली पेट्रोल-डीजल तैयार किया जा रहा था, जिसे बाजार में खपाया जा रहा था।
सूचना की पुष्टि के बाद रक्सौल एसडीपीओ मनीष आनंद के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया।

चार ठिकानों पर एक साथ छापा, 48 ड्रम ईंधन जब्त

छापेमारी दल ने चार अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की।

  • रामगढ़वा के गोदाम से 20 ड्रम (200 लीटर क्षमता) पेट्रोल-डीजल
  • कलवारी मंझरिया से 15 ड्रम मोटर स्प्रिट और डीजल
  • आमुदेई से 10 ड्रम पेट्रोल
  • रक्सौल बाईपास से 3 ड्रम ईंधन बरामद किया गया

इस तरह कुल 48 ड्रम से 9600 लीटर अवैध ईंधन जब्त किया गया।

5 तस्कर गिरफ्तार, ट्रक-टैंकर सीज

पुलिस ने मौके से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार तस्करों की पहचान इस प्रकार हुई है:

  • राजेश कुमार – रामगढ़वा
  • मोहन सिंह – कलवारी मंझरिया
  • संजय यादव – आमुदेई
  • पंकज शर्मा – रक्सौल बाईपास
  • रवि पासवान – ट्रक चालक

इसके अलावा दो ट्रक और एक तेल टैंकर को सीज किया गया है। पुलिस ने डिजिटल मापक मशीन, चोरी के लिए इस्तेमाल की गई पाइपलाइन, रंग मिलाने वाले केमिकल (कलरेंट), मिक्सिंग टैंक और अन्य सामग्री भी बरामद की है।

राजस्व को करोड़ों का नुकसान, इंजन खराब होने का खतरा

एसडीपीओ मनीष आनंद ने बताया कि इस मामले में रामगढ़वा थाना कांड संख्या 523/25 दर्ज किया गया है। आरोपियों पर अवैध उत्पादन, भंडारण और बिक्री के तहत केस दर्ज किया गया है।

“यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था। नेशनल हाईवे से गुजरने वाले ट्रकों से ईंधन चुराकर नकली पेट्रोल-डीजल तैयार किया जाता था। केमिकल मिलाकर रंग और गंध असली जैसी बनाई जाती थी, जिससे ग्राहक धोखे में आ जाते थे।”
मनीष आनंद, एसडीपीओ, रक्सौल

उन्होंने बताया कि यह गिरोह नेपाल सीमा से सटे इलाकों में सक्रिय था और इसके तार अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। बरामद ईंधन की बाजार कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है, जिससे राज्य सरकार को भारी राजस्व हानि हो रही थी।

मुख्य सरगना फरार, तलाश जारी

पुलिस के अनुसार, गिरोह के मुख्य सरगना अभी फरार हैं, जिनकी तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस ने साफ कहा है कि नकली ईंधन कारोबार के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि आम उपभोक्ताओं को शुद्ध ईंधन मिल सके और वाहनों को नुकसान से बचाया जा सके।


 

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