पटना, 18 अगस्त 2025।बिहार में उद्यमिता की नई उड़ान शुरू हो चुकी है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाएं अब प्रदेश के आर्थिक विकास और रोजगार सृजन की बड़ी ताकत बन रही हैं। गरीब परिवारों से लेकर नवाचार-आधारित स्टार्टअप तक, हर वर्ग को सरकार से आर्थिक सहयोग और प्रोत्साहन मिल रहा है।
बिहार लघु उद्यमी योजना
गरीब परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बिहार लघु उद्यमी योजना महत्वपूर्ण साबित हो रही है। इस योजना के तहत परिवार की मासिक आय के आधार पर दो लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता अनुदान के रूप में दी जाती है।
- अब तक 60,205 लाभार्थियों को 512.33 करोड़ रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है।
- अनुदान तीन किस्तों में दिया जाता है—पहली किस्त 50 हजार रुपये, दूसरी किस्त 1 लाख रुपये और तीसरी किस्त 50 हजार रुपये।
मुख्यमंत्री उद्यमी योजना
युवाओं के लिए नया उद्योग स्थापित करने में मुख्यमंत्री उद्यमी योजना वरदान बन रही है।
- इस योजना के तहत अधिकतम 10 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता परियोजना राशि के रूप में दी जाती है।
- अब तक 43,526 लाभार्थियों को 3,072.45 करोड़ रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है।
- हजारों युवाओं ने इस सहयोग से व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
बिहार स्टार्टअप नीति
नई सोच और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बिहार स्टार्टअप नीति लागू की है।
- इसमें 10 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण दिया जाता है।
- अब तक 1,522 कंपनियां पंजीकृत हो चुकी हैं।
- 46 स्टार्टअप सेल और 22 इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित किए जा चुके हैं।
- पिछले वर्ष 2,261 एमएसएमई और स्थानीय उद्योगों को जोड़ा गया है।
जागरूकता और निवेश पहल
- राज्यभर में 1,903 जागरूकता शिविर और आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किए गए।
- इन कार्यक्रमों में 8,099 छात्रों को प्रशिक्षित किया गया और 91 छात्रों को इंटर्नशिप का अवसर मिला।
- स्टार्टअप्स को पूंजी उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने सिडबी के साथ 150 करोड़ रुपये के फंड का एमओयू भी किया है।
सरकार की इन योजनाओं से स्पष्ट है कि बिहार अब तेजी से उद्यमिता के नक्शे पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। हर विचार को कारोबार में बदलने की दिशा में राज्य लगातार आगे बढ़ रहा है।


