पटना, 18 अगस्त।राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने हड़ताल पर गये सर्वे कर्मियों पर कड़ा कदम उठाते हुए 10,775 कर्मचारियों का लॉगिन ब्लॉक कर दिया है। इनमें 446 एएसओ, 656 कानूनगो, 8,759 अमीन और 914 लिपिक शामिल हैं।
विभाग ने हड़ताली कर्मियों को तत्काल अंचल कार्यालय में सभी सरकारी कागजात जमा करने का निर्देश दिया है। साथ ही, हड़ताल पर डटे कर्मचारियों के खिलाफ बुधवार से संविदा समाप्त करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
विभाग की सख्त कार्यवाही
- अपर मुख्य सचिव ने सभी जिलों के अपर समाहर्ता (राजस्व) और बंदोबस्त अधिकारियों के साथ वीसी के जरिए स्थिति की समीक्षा की।
- सभी जिलों से हड़तालियों की अद्यतन सूची तुरंत उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
- मंगलवार तक सभी हड़ताली कर्मियों को ई-मेल से कारण पृच्छा हस्तगत कराए जाने का आदेश दिया गया।
- हड़ताल छोड़ने वाले कर्मियों का लॉगिन फिर से सक्रिय कर दिया जाएगा।
राजस्व महाअभियान पर असर रोकने की तैयारी
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कदम राजस्व महाअभियान जैसी जनहितकारी गतिविधियों को प्रभावित होने से बचाने के लिए उठाया गया है।
- यह अभियान 16 अगस्त से शुरू होकर 20 सितंबर तक चलेगा।
- इस दौरान घर-घर जमाबंदी पंजी की प्रति और आवेदन प्रपत्र पहुंचाया जाएगा।
- पंचायत स्तर पर दो शिविर लगाकर रैयतों के आवेदन जमा किए जाएंगे।
वैकल्पिक कार्ययोजना
- राजस्व विभाग को सहयोग देने के लिए ग्रामीण विकास, अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण और पंचायती राज विभाग को शामिल किया गया है।
- शिक्षा विभाग से टोला सेवक और तालीमी मरकज, तथा समाज कल्याण विभाग से आंगनबाड़ी सेविकाओं को भी जोड़ा जा रहा है।
- आंगनबाड़ी सेविकाओं को उनकी स्थानीय पहचान के कारण जमाबंदी वितरण दल के साथ लगाया जाएगा।
राजस्व विभाग ने स्पष्ट किया है कि हड़ताल के बावजूद अभियान तय समय पर सफलतापूर्वक पूरा किया जाएगा।


