भगवान महावीर के सत्य और अहिंसा के मार्ग से ही समृद्ध होगा बिहार: नीतीश कुमार ने महावीर जयंती पर राज्यवासियों को दीं शुभकामनाएँ

  • ​मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महावीर जयंती के पावन अवसर पर भगवान महावीर को नमन करते हुए समस्त राज्यवासियों और देशवासियों के प्रति अपनी मंगलकामनाएं व्यक्त की हैं।
  • ​अपने संदेश में उन्होंने भगवान महावीर के सिद्धांतों को आधुनिक समय में शांति और प्रगति का सबसे बड़ा आधार बताया है।
  • ​नीतीश कुमार ने जनता से भगवान महावीर द्वारा दिखाए गए अहिंसा और करुणा के मार्ग को आत्मसात करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
  • ​उन्होंने रेखांकित किया कि सत्य और अहिंसा का पालन करके ही समाज में आपसी विश्वास और सद्भाव के रिश्तों को नई मजबूती प्रदान की जा सकती है।

पटना (द वॉयस ऑफ बिहार)।

अहिंसा और सत्य की विरासत को संजोने का पावन संकल्प

बिहार की धरती, जो कि त्याग, तपस्या और ज्ञान की ऐतिहासिक भूमि रही है, आज एक बार फिर भगवान महावीर की जयंती के अवसर पर आध्यात्मिक चेतना से सराबोर नजर आ रही है। इस गरिमामय अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना से जारी अपने संदेश में भगवान महावीर के प्रति गहरी श्रद्धा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज का दिन केवल उत्सव मनाने का नहीं है, बल्कि यह उन महान सिद्धांतों को पुनर्जीवित करने का अवसर है जो सदियों पहले वैशाली की पावन माटी से पूरी दुनिया में फैले थे। नीतीश कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि भगवान महावीर का संपूर्ण जीवन सत्य और अहिंसा की एक जीवंत प्रतिध्वनि है। उन्होंने राज्य के हर नागरिक से अपील की कि वे भगवान महावीर द्वारा बताए गए अहिंसा के मार्ग को अपनाने का दृढ़ संकल्प लें, ताकि एक भयमुक्त और न्यायपूर्ण समाज की स्थापना की जा सके।

वैशाली की धरती से निकले संदेश की वैश्विक और प्रासंगिक गूंज

बिहार का इतिहास भगवान महावीर के उल्लेख के बिना अधूरा है और मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में इसी ऐतिहासिक जुड़ाव को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भगवान महावीर ने न केवल अहिंसा की बात की, बल्कि उन्होंने ‘जीओ और जीने दो’ के दर्शन के माध्यम से संपूर्ण जीव जगत के प्रति करुणा का पाठ पढ़ाया। नीतीश कुमार का मानना है कि 2026 के इस दौर में, जब दुनिया वैचारिक संघर्षों और अस्थिरता से जूझ रही है, महावीर का दर्शन और भी अधिक प्रासंगिक हो गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सत्य के प्रति आग्रह और अहिंसा के प्रति अटूट निष्ठा ही वह सूत्र है, जिससे किसी भी बड़े संकट का समाधान निकाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि बिहार की प्रगति की नींव में शांति और सद्भाव का वही दर्शन है, जिसे भगवान महावीर ने प्रतिपादित किया था।

सद्भाव और आपसी विश्वास के रिश्तों को नई ऊर्जा देने का आह्वान

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने शुभकामना संदेश में सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि सत्य और अहिंसा का मार्ग केवल व्यक्तिगत आचरण तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे सामाजिक और राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनाया जाना चाहिए। जब हम सत्य और अहिंसा को अपने जीवन का आधार बनाते हैं, तो राज्य और देश में शांति, सद्भाव एवं विश्वास का वातावरण स्वतः निर्मित होता है। उनके अनुसार, विकास की दौड़ में मानवीय मूल्यों और आपसी विश्वास का बना रहना अनिवार्य है। नीतीश कुमार ने कहा कि आपसी रिश्तों में विश्वास की जो डोर है, उसे मजबूत करने के लिए हमें भगवान महावीर के ‘अनेकांतवाद’ के सिद्धांत को समझना होगा, जो हमें दूसरों के विचारों का सम्मान करना सिखाता है।

शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के जरिए विकसित बिहार का निर्माण

नीतीश कुमार के संदेश का एक मुख्य पहलू राज्य की स्थिरता और शांति से जुड़ा था। उन्होंने कहा कि बिहार ने हमेशा से शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की संस्कृति को बढ़ावा दिया है। महावीर जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए यह आवश्यक है कि हर व्यक्ति अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए समाज के निर्माण में अपना योगदान दे। सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलकर ही हम न केवल एक शांत बिहार, बल्कि एक ऐसा समाज बना सकते हैं जहां हर वर्ग के बीच विश्वास और भाईचारे का अटूट रिश्ता हो। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि बिहार के लोग हमेशा से अपनी गौरवशाली विरासत और महापुरुषों के आदर्शों के प्रति संवेदनशील रहे हैं, और यही संवेदनशीलता राज्य को प्रगति के नए पथ पर ले जाएगी।

नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना का प्रशासनिक महत्व

मुख्यमंत्री के संदेश में निहित दर्शन केवल धार्मिक नहीं, बल्कि एक गहरा प्रशासनिक और सामाजिक संदेश भी है। नीतीश कुमार ने संकेत दिया कि सुशासन का असली अर्थ तभी सिद्ध होता है जब समाज में शांति और न्याय का संतुलन बना रहे। भगवान महावीर द्वारा बताए गए अहिंसा के मार्ग का अर्थ केवल शारीरिक हिंसा का त्याग नहीं, बल्कि मानसिक और वाचिक हिंसा से दूर रहना भी है। मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि हम अपने विचारों और कार्यों में शुद्धता लाएं ताकि राज्य और देश में सद्भाव का वातावरण और अधिक प्रगाढ़ हो सके। उन्होंने दोहराया कि विश्वास के रिश्तों को मजबूत करना किसी भी सभ्य समाज की पहली शर्त है, और भगवान महावीर के बताए मार्ग से बढ़कर इसके लिए कोई दूसरा पथ प्रदर्शक नहीं हो सकता।

समाज के हर नागरिक के लिए सुख, समृद्धि और आरोग्य की कामना

अंत में, मुख्यमंत्री ने भगवान महावीर को नमन करते हुए कामना की कि यह पावन पर्व सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए। उन्होंने बिहार की समस्त जनता से आग्रह किया कि वे इस दिन को केवल औपचारिकता न मानकर एक आत्मिक परिवर्तन के दिवस के रूप में देखें। भगवान महावीर के सिद्धांतों को अपने आचरण में उतारने का संकल्प ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। नीतीश कुमार ने विश्वास जताया कि यदि हम सामूहिक रूप से सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलते हैं, तो बिहार न केवल आर्थिक रूप से बल्कि नैतिक और आध्यात्मिक रूप से भी विश्व पटल पर अपनी एक अलग पहचान बनाने में सफल होगा। उनकी यह शुभकामनाएं राज्य के हर कोने में एक नई सकारात्मक ऊर्जा और भाईचारे का संचार करने वाली हैं।

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