
भागलपुर। जिले के सबौर प्रखंड क्षेत्र से एक दुखद और संवेदनशील घटना सामने आई है, जहां सड़क किनारे एक बुजुर्ग व्यक्ति का शव बरामद किया गया। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि अज्ञात वाहन की टक्कर से उनकी मौत हुई है। मृतक मानसिक रूप से अस्वस्थ बताए जा रहे थे और लंबे समय से इधर-उधर भटकते हुए जीवन यापन कर रहे थे। इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और समाज में बेसहारा लोगों की स्थिति को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना सबौर अंचल कार्यालय के बाहर, बैंक ऑफ बड़ौदा के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग-80 (NH-80) के किनारे की है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सोमवार की सुबह जब लोग अपने-अपने काम के लिए निकले, तो उन्होंने सड़क किनारे एक बुजुर्ग को अचेत अवस्था में पड़ा देखा। पास जाकर देखने पर पता चला कि उनकी मृत्यु हो चुकी है। इसके बाद आसपास के लोगों ने तुरंत सबौर थाना पुलिस को इसकी सूचना दी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रात करीब 2 बजे के आसपास किसी अज्ञात वाहन ने बुजुर्ग को टक्कर मारी होगी। चूंकि घटना देर रात की है, इसलिए प्रत्यक्षदर्शी सामने नहीं आ सके। आशंका जताई जा रही है कि वाहन चालक दुर्घटना के बाद मौके से फरार हो गया। यह भी बताया जा रहा है कि सड़क पर उस समय यातायात बहुत कम था, जिससे समय पर मदद नहीं मिल सकी और बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई।
सूचना मिलते ही सबौर थाना पुलिस दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और पंचनामा तैयार किया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल भेज दिया गया। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ भी की, लेकिन घटना के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी।
शुरुआत में मृतक की पहचान नहीं हो पाई थी, जिससे पुलिस के सामने चुनौती थी कि शव की शिनाख्त कैसे की जाए। लेकिन तलाशी के दौरान मृतक के पास से एक कागज मिला, जिस पर एक मोबाइल नंबर लिखा हुआ था। पुलिस ने तुरंत उस नंबर पर संपर्क किया।
फोन पर संपर्क करने पर पता चला कि वह नंबर मृतक के परिवार से जुड़ा हुआ है। इसके बाद मृतक की बेटी रेखा देवी से बात हुई, जिन्होंने घटनास्थल पर पहुंचकर अपने पिता की पहचान की। मृतक की पहचान विपिन बिहारी शाह के रूप में हुई, जो रसलपुर थाना क्षेत्र के अदलपुर गांव के निवासी थे। उनके पिता का नाम स्वर्गीय नारायण शाह बताया गया है।
रेखा देवी ने बताया कि उनके पिता पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से अस्वस्थ थे और अक्सर घर से निकलकर इधर-उधर चले जाते थे। परिवार के लोग उन्हें खोजते रहते थे, लेकिन कई बार वे खुद ही लौट आते थे। इस बार वे घर से निकले, लेकिन वापस नहीं लौट सके और इस दुखद घटना का शिकार हो गए।
इस घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है। बेटी और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि घटना की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषी वाहन चालक की पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और अज्ञात वाहन की तलाश शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि किस वाहन ने टक्कर मारी। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
यह घटना कई महत्वपूर्ण सवाल भी उठाती है। एक ओर सड़क दुर्घटनाओं में लगातार हो रही वृद्धि चिंता का विषय है, वहीं दूसरी ओर मानसिक रूप से अस्वस्थ और बेसहारा लोगों की सुरक्षा भी एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। ऐसे लोग अक्सर सड़कों पर असुरक्षित स्थिति में रहते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि समाज और प्रशासन दोनों को मिलकर इस दिशा में काम करने की जरूरत है। जहां एक ओर सड़क सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन कराया जाना चाहिए, वहीं दूसरी ओर बेसहारा और मानसिक रूप से अस्वस्थ लोगों के लिए पुनर्वास और देखभाल की बेहतर व्यवस्था भी सुनिश्चित करनी चाहिए।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही दुर्घटना में शामिल वाहन और चालक का पता लगा लिया जाएगा। वहीं, इस घटना ने स्थानीय लोगों को भी झकझोर कर रख दिया है और सभी लोग इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।


