पूर्व रेलवे स्काउट्स एंड गाइड्स बना रहा युवाओं का भविष्य, रोमांच, अनुशासन और सरकारी नौकरी के अवसरों से जुड़ रहे बच्चे

कोलकाता, 20 मई 2026। आज के दौर में अभिभावक अपने बच्चों को केवल किताबों तक सीमित शिक्षा नहीं देना चाहते, बल्कि वे चाहते हैं कि बच्चे आत्मविश्वासी बनें, कठिन परिस्थितियों का सामना करना सीखें और भविष्य में बेहतर करियर के अवसर प्राप्त करें। इसी दिशा में बच्चों और युवाओं के व्यक्तित्व विकास के लिए एक मजबूत मंच के रूप में उभर रहा है। पूर्व रेलवे द्वारा संचालित यह संगठन न केवल युवाओं को अनुशासन, नेतृत्व और सामाजिक सेवा की शिक्षा देता है, बल्कि उन्हें सरकारी नौकरी सहित उज्ज्वल भविष्य की दिशा में भी आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करता है।

पूर्व रेलवे की ओर से जारी जानकारी के अनुसार भारत स्काउट्स एंड गाइड्स आंदोलन लंबे समय से युवाओं में नेतृत्व क्षमता, आत्मनिर्भरता और सेवा भावना विकसित करने का कार्य कर रहा है। भारतीय रेलवे से जुड़ा यह संगठन देश के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित युवा संगठनों में गिना जाता है। वर्षों से हजारों बच्चे और युवा इससे जुड़कर अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला चुके हैं।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि स्काउटिंग केवल एक अतिरिक्त गतिविधि नहीं है, बल्कि यह बच्चों के संपूर्ण विकास की प्रक्रिया है। इसमें शामिल बच्चे अनुशासन, टीमवर्क, साहस, सामाजिक जिम्मेदारी और आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण गुण सीखते हैं। यही कारण है कि यह आंदोलन लगातार नई पीढ़ी के बीच लोकप्रिय होता जा रहा है।

पूर्व रेलवे के अंतर्गत संचालित यह संगठन स्कूली छात्रों, रेलवे कर्मचारियों के बच्चों और स्थानीय समुदाय के युवाओं के लिए खुला है। अभिभावक अपने बच्चों का पंजीकरण हावड़ा, सियालदह, आसनसोल और मालदा मंडल सहित विभिन्न जिला मुख्यालयों में आसानी से करा सकते हैं। संगठन में अलग-अलग आयु वर्ग के बच्चों के लिए अलग चरण निर्धारित किए गए हैं, ताकि उनकी उम्र और क्षमता के अनुसार प्रशिक्षण दिया जा सके।

पाँच से दस वर्ष की आयु के बच्चे कब्स और बुलबुल्स के रूप में इस यात्रा की शुरुआत कर सकते हैं। इसके बाद दस से सत्रह वर्ष की आयु तक बच्चे स्काउट्स और गाइड्स के रूप में विभिन्न गतिविधियों में भाग लेते हैं। वहीं युवा अवस्था में सदस्य रोवर्स और रेंजर्स के रूप में संगठन से जुड़े रह सकते हैं। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान बच्चों को व्यवहारिक शिक्षा और नेतृत्व कौशल विकसित करने का अवसर मिलता है।

स्काउट्स एंड गाइड्स की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रहती। बच्चों को वास्तविक परिस्थितियों में काम करना सिखाया जाता है। सप्ताहांत शिविर, प्रशिक्षण कार्यक्रम और सामुदायिक गतिविधियों के माध्यम से सदस्य प्राथमिक उपचार, नक्शा पढ़ना, रस्सी और गाँठ तकनीक, आपातकालीन बचाव और आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण कौशल सीखते हैं।

इन गतिविधियों का उद्देश्य बच्चों को आत्मनिर्भर बनाना है ताकि वे किसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में घबराने के बजाय समझदारी से निर्णय ले सकें। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार का प्रशिक्षण बच्चों के आत्मविश्वास को काफी मजबूत करता है और उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करता है।

संगठन द्वारा नियमित रूप से ट्रैकिंग, रात्रि शिविर, तारों का अध्ययन, खेलकूद प्रतियोगिताएँ और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन आयोजनों के माध्यम से बच्चे प्रकृति के करीब आते हैं और सामूहिक जीवन जीने की कला सीखते हैं। साथ ही उन्हें पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और सामाजिक सेवा के प्रति भी जागरूक किया जाता है।

पूर्व रेलवे अधिकारियों का कहना है कि स्काउटिंग से जुड़े बच्चे सामान्य छात्रों की तुलना में अधिक अनुशासित और जिम्मेदार बनते हैं। वे समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से समझते हैं और दूसरों की मदद करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। यही कारण है कि कई अभिभावक अपने बच्चों को इस आंदोलन से जोड़ने में रुचि दिखा रहे हैं।

इस संगठन से जुड़ने का एक बड़ा लाभ रोजगार के क्षेत्र में भी देखने को मिलता है। रेलवे भर्ती प्रक्रियाओं में स्काउट्स एंड गाइड्स कोटा के तहत विशेष अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं। प्रमाणित सदस्यों को कुछ निर्धारित पदों पर प्राथमिकता दी जाती है, जिससे सरकारी नौकरी पाने की संभावनाएँ बढ़ जाती हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि आज प्रतिस्पर्धा के दौर में केवल शैक्षणिक अंक ही पर्याप्त नहीं हैं। ऐसे में स्काउटिंग जैसी गतिविधियाँ बच्चों के व्यक्तित्व को अलग पहचान देती हैं। इससे उनके बायोडाटा में अतिरिक्त मजबूती आती है और इंटरव्यू के दौरान भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

स्काउट्स एंड गाइड्स से जुड़े उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सदस्यों को प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पुरस्कार भी प्रदान किया जाता है। यह सम्मान देश के सर्वोच्च स्तर पर दिया जाने वाला महत्वपूर्ण पुरस्कार माना जाता है। इस पुरस्कार पर भारत के राष्ट्रपति के हस्ताक्षर होते हैं और इसे युवाओं की उपलब्धि का बड़ा प्रतीक माना जाता है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह पुरस्कार पाने वाले छात्रों को भविष्य में शिक्षा और रोजगार दोनों क्षेत्रों में लाभ मिलता है। कई युवा इस सम्मान को अपने करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धि मानते हैं। इससे उनमें आत्मविश्वास और समाज सेवा की भावना और अधिक मजबूत होती है।

पूर्व रेलवे भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के राज्य सचिव तथा ने कहा कि संगठन का मुख्य उद्देश्य केवल गतिविधियाँ आयोजित करना नहीं है, बल्कि युवाओं के चरित्र का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि बच्चों में आत्मनिर्भरता, अनुशासन और दूसरों की सहायता करने की भावना विकसित करना संगठन की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि स्काउट्स एंड गाइड्स से जुड़े युवा समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बनते हैं। आपदा, सामाजिक कार्यक्रमों और जनसेवा से जुड़े कार्यों में इनकी भूमिका हमेशा सराहनीय रही है। यही कारण है कि इस आंदोलन को लगातार व्यापक समर्थन मिल रहा है।

रेलवे प्रशासन का मानना है कि आने वाले समय में युवाओं को केवल तकनीकी शिक्षा ही नहीं, बल्कि नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी की भी आवश्यकता होगी। स्काउट्स एंड गाइड्स इसी दिशा में युवाओं को तैयार कर रहा है। संगठन के माध्यम से बच्चे न केवल अपने व्यक्तित्व को निखार रहे हैं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की भावना भी विकसित कर रहे हैं।

पूर्व रेलवे ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को इस आंदोलन से जोड़ें ताकि वे आत्मविश्वासी, जिम्मेदार और सक्षम नागरिक बन सकें। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह संगठन बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और आने वाले वर्षों में इसकी भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होने वाली है।

  • ये भी पढ़े..

    अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर भागलपुर वन विभाग में योग शिविर, वनकर्मियों ने अपनाया स्वस्थ जीवन का संकल्प

    Share Add as a preferred…