विश्व पर्यावरण दिवस अभियान में जुटा मालदा मंडल, भागलपुर-जमालपुर समेत कई स्टेशनों पर चला स्वच्छता अभियान और निकली साइकिल रैली

मालदा, 20 मई 2026। विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर के मालदा मंडल में पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को लेकर व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। 15 मई से 5 जून तक आयोजित इस विशेष अभियान के तहत मंडल के विभिन्न रेलवे स्टेशनों, कार्यालयों और तकनीकी परिसरों में लगातार जागरूकता कार्यक्रम, सफाई अभियान और हरित पहलें की जा रही हैं। इसी कड़ी में बुधवार को भागलपुर, जमालपुर और साहिबगंज रेलवे स्टेशनों पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया, जबकि जमालपुर लोको शेड परिसर में पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ साइकिल रैली का आयोजन किया गया।

मालदा मंडल प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य केवल रेलवे परिसरों को साफ-सुथरा बनाना नहीं है, बल्कि कर्मचारियों, यात्रियों और आम लोगों के बीच पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना भी है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि स्वच्छता और पर्यावरण सुरक्षा अब केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं रह गए हैं, बल्कि इन्हें दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की आवश्यकता है।

मंडल रेल प्रशासन के अनुसार, विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के तहत चल रहे कार्यक्रमों की निगरानी मंडल रेल प्रबंधक के मार्गदर्शन में की जा रही है। अभियान के तहत हर दिन अलग-अलग गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक कर्मचारियों और रेल यात्रियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा सके।

बुधवार को भागलपुर, जमालपुर और साहिबगंज रेलवे स्टेशनों पर विशेष सफाई अभियान के दौरान रेलवे कर्मचारियों और पर्यवेक्षकों ने स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्म, यात्री प्रतीक्षालय, रेलवे ट्रैक के आसपास के हिस्सों और सार्वजनिक उपयोग वाले क्षेत्रों की साफ-सफाई की। अभियान में बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने हिस्सा लिया और यात्रियों को भी स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि स्वच्छ स्टेशन न केवल यात्रियों को बेहतर अनुभव प्रदान करते हैं, बल्कि इससे स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी कम होते हैं। गर्मी और बरसात के मौसम को देखते हुए स्टेशन परिसरों में साफ-सफाई को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है ताकि गंदगी, जलजमाव और संक्रमण जैसी समस्याओं को रोका जा सके।

अभियान के दौरान यात्रियों को प्लास्टिक कचरे के दुष्प्रभावों के बारे में भी जानकारी दी गई। रेलवे कर्मचारियों ने लोगों से अपील की कि वे स्टेशन परिसर में कूड़ा इधर-उधर न फेंकें और डस्टबिन का इस्तेमाल करें। साथ ही यात्रियों को यह संदेश भी दिया गया कि स्वच्छता बनाए रखने में आम नागरिकों की भागीदारी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी प्रशासन की जिम्मेदारी।

इसी दिन जमालपुर स्थित लोको शेड परिसर में एक विशेष साइकिल रैली का आयोजन किया गया। यह रैली पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत के संदेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से निकाली गई। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ मंडल यांत्रिक अभियंता (डीजल) के नेतृत्व में किया गया।

रैली लोको शेड के मुख्य द्वार से शुरू होकर पूरे परिसर में निकाली गई। इसमें रेलवे अधिकारियों, पर्यवेक्षकों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने साइकिल चलाकर यह संदेश देने की कोशिश की कि छोटे-छोटे प्रयास भी पर्यावरण संरक्षण में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।

कार्यक्रम के दौरान रेलवे कर्मचारियों ने सप्ताह में कम-से-कम एक दिन साइकिल से कार्यालय आने का संकल्प भी लिया। अधिकारियों का कहना है कि यदि लोग छोटी दूरी के लिए मोटर वाहनों की जगह साइकिल का उपयोग करें, तो ईंधन की बचत के साथ-साथ वायु प्रदूषण में भी कमी लाई जा सकती है। इससे स्वास्थ्य को भी लाभ मिलेगा और पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।

रेलवे प्रशासन ने इस पहल को कर्मचारियों के बीच सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने की बात कही है। कई कर्मचारियों ने कहा कि वे आने वाले समय में नियमित रूप से साइकिल का उपयोग करने की कोशिश करेंगे। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि सरकारी संस्थानों की ऐसी पहल समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाने में प्रभावी साबित होती हैं।

विश्व पर्यावरण दिवस अभियान के तहत जमालपुर लोको शेड में तकनीकी नवाचार से जुड़ी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि भी सामने आई। इस अवसर पर सीएमपीई (डी एंड डी एम) विभाग की ओर से विकसित एक नई कंप्रेसर यूनिट का उद्घाटन किया गया। यह यूनिट निष्प्रयोज्य विद्युत इंजनों से प्राप्त सामग्रियों का उपयोग करके तैयार की गई है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य अनुपयोगी सामग्रियों का बेहतर उपयोग कर संसाधनों की बचत करना है। इससे न केवल लागत में कमी आती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है। रेलवे तकनीकी टीम ने इसे संसाधनों के पुनः उपयोग और नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

इसके साथ ही हिताची स्टेटर्स के वोल्टेज ड्रॉप परीक्षण के लिए एक करंट इंजेक्शन मशीन का भी उद्घाटन किया गया। अधिकारियों ने बताया कि यह मशीन तकनीकी जांच प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और सटीक बनाएगी। रेलवे इंजीनियरों के अनुसार, ऐसी तकनीकों के उपयोग से रखरखाव कार्यों की गुणवत्ता बेहतर होगी और परिचालन क्षमता में सुधार आएगा।

मालदा मंडल प्रशासन ने कहा कि रेलवे अब केवल परिवहन सेवा तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि पर्यावरण सुरक्षा और सतत विकास के क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है। मंडल स्तर पर लगातार ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य कर्मचारियों और यात्रियों दोनों को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाना है।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि आने वाले दिनों में भी मंडल के विभिन्न स्टेशनों और परिसरों में पौधारोपण अभियान, प्लास्टिक मुक्त परिसर अभियान, जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम और स्वच्छता से जुड़े अन्य आयोजन किए जाएंगे। इन गतिविधियों में कर्मचारियों के साथ स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों की भागीदारी भी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।

मालदा मंडल ने यह भी स्पष्ट किया कि यात्रियों को स्वच्छ, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा अनुभव उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता है। इसके लिए स्टेशन परिसरों की सफाई, यात्री सुविधाओं का विस्तार और पर्यावरण अनुकूल उपायों को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। रेलवे प्रशासन का मानना है कि स्वच्छ और हरित रेलवे व्यवस्था ही भविष्य की जरूरत है और इसी दिशा में मंडल निरंतर काम कर रहा है।

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