
भागलपुर, 18 जुलाई — कहलगांव शहरी क्षेत्र के चौधरी टोला में सांसद अजय कुमार मंडल द्वारा खरीदी गई जमीन विवादों में घिर गई है। बीते माह उन्होंने 7.353 डिसमिल जमीन 56.29 लाख रुपये में खरीदी, लेकिन अब सामने आया है कि यह जमीन पहले से ही बिहार भूमि न्यायाधिकरण (बीएलटी) में वादग्रस्त है।
सूत्रों के अनुसार, बीएलटी ने पहले ही इस जमीन को लेकर “यथास्थिति बहाल” (स्टेट्स-को) का आदेश पारित कर रखा था। अब इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जमीन की दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) प्रक्रिया पर रोक लगा दी है।
विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने कहलगांव के अंचलाधिकारी (सीओ) को स्पष्ट निर्देश दिया है कि डीड संख्या 5064, 5065, 5114 और 5115 पर म्यूटेशन नहीं किया जाए। इसके साथ ही मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग को भी जमीन के निबंधन पर रोक लगाने का निर्देश जारी किया गया है।
इस जमीन की बिक्री सरयुग मंडल नामक व्यक्ति द्वारा की गई थी, जबकि सुनील किशोर प्रसाद नामक व्यक्ति ने उनके खिलाफ बीएलटी में मामला दर्ज कराया है। उल्लेखनीय है कि इस जमीन में सांसद के अलावा ओम अनुज प्रेयस्कर और देवेंद्र कुमार मंडल ने भी 6.48 डिसमिल जमीन की खरीद की थी। चारों रजिस्ट्री डीड 23 जून 2025 को तैयार हुए थे।
केवाला फर्जी, निबंधन कार्यालय ने दी पुष्टि
पीड़ित पक्ष की ओर से पटना हाई कोर्ट के अधिवक्ता शिवशंकर चौबे ने बताया कि सरयुग मंडल द्वारा प्रस्तुत केवाला संख्या 17140 दिनांक 21.11.1995 फर्जी है। जिला अवर निबंधक, भागलपुर ने अपने पत्रांक 2575 दिनांक 27.07.2022 में स्पष्ट किया कि उक्त दस्तावेज उनके कार्यालय में कभी निबंधित नहीं हुआ। भागलपुर जिला निबंधन कार्यालय के अनुसार, वर्ष 1995 का अंतिम वैध दस्तावेज संख्या 13676 है।
11 अगस्त को होगी अगली सुनवाई
इस विवादित जमीन मामले में अब 11 अगस्त 2025 को बिहार भूमि न्यायाधिकरण (बीएलटी) में अगली सुनवाई तय की गई है। विभागीय अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन की नजर इस सुनवाई पर टिकी हुई है।
इस मामले में जब सांसद अजय कुमार मंडल से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा:
“कहलगांव में ऑफिस बनाने के लिए जमीन ली थी। जमीन के पूरे कागजात की जांच कराई गई थी। म्यूटेशन पर रोक के आदेश की जानकारी नहीं है।”


