
अररिया। जन सुराज के सूत्रधार Prashant Kishor (पीके) ने बिहार की राजनीति और मतदाताओं पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राज्य के लोग खुद अपने वोट की कीमत नहीं समझ रहे, जिसकी वजह से उनके बच्चों का भविष्य दांव पर लग रहा है।
“आपने वोट नहीं, बच्चों का भविष्य बेचा”
Prashant Kishor ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा:
“आपके बच्चे एमए-बीए करके भी बेरोजगार हैं, जबकि सत्ता में ऐसे लोग बैठे हैं जो पढ़ाई में पीछे रहे। यह सब आपके वोट का नतीजा है। आपने 10 हजार रुपये में वोट बेचा, यानी रोज के सिर्फ 5-6 रुपये में अपने बच्चों का भविष्य बेच दिया।”
सम्राट चौधरी पर सीधा निशाना
बिहार के नए मुख्यमंत्री के तौर पर Samrat Choudhary के चयन पर सवाल उठाते हुए पीके ने कहा कि किसी एक नेता या पार्टी से बदलाव की उम्मीद करना गलत है।
उन्होंने कहा, “जब तक बिहार के लोग खुद नहीं सुधरेंगे, तब तक कोई भी नेता या दल राज्य को नहीं बदल सकता।”
‘रिमोट कंट्रोल से चलेगी बिहार की सरकार’
Prashant Kishor ने आरोप लगाया कि बिहार की सत्ता का असली नियंत्रण केंद्र के नेताओं के पास रहेगा। उन्होंने इशारों में Amit Shah का नाम लेते हुए कहा कि राज्य की नीतियां बाहर से तय होंगी और स्थानीय जरूरतों को नजरअंदाज किया जाएगा।
पलायन और रोजगार पर बड़ा बयान
पीके ने कहा कि बिहार से पलायन रुकने वाला नहीं है।
उनके मुताबिक, “अगर बिहार के युवा 10-12 हजार रुपये में काम करने को तैयार नहीं होंगे, तो दूसरे राज्यों में सस्ते मजदूर कहां से आएंगे? आने वाले समय में बिहार के युवा मजदूरी करेंगे और दूसरे राज्यों के लोग मालिक बनेंगे।”
शिक्षा और बेरोजगारी पर घेरा
अररिया में आयोजित कार्यक्रम में Prashant Kishor ने शिक्षा, रोजगार और आर्थिक हालात को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि राज्य में पढ़े-लिखे युवाओं के पास रोजगार नहीं है और यही वजह है कि बड़ी संख्या में पलायन हो रहा है।
निष्कर्ष:
Prashant Kishor के इस बयान ने बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। Samrat Choudhary के मुख्यमंत्री बनने के बाद विपक्ष के तेवर और तेज हो गए हैं, और आने वाले समय में यह मुद्दा और गरमा सकता है।


