भागलपुर। सूरी समाज द्वारा बिहार में अपनी जातीय पहचान और अधिकारों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया गया है। इसी क्रम में भागलपुर के एक निजी विवाह भवन में समाज की अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में समुदाय के लोग शामिल हुए।
बैठक का मुख्य उद्देश्य 8 जून को पटना में होने वाले राज्यस्तरीय महासम्मेलन की तैयारियों को अंतिम रूप देना था। इस सम्मेलन के माध्यम से सूरी समाज, बिहार सरकार से मांग कर रहा है कि उन्हें अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) में शामिल किया जाए।
वक्ताओं ने कहा कि झारखंड और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में सूरी जाति को अनुसूचित जाति (SC) का दर्जा प्राप्त है, जिससे वहां के समाज को शिक्षा, रोजगार और राजनीतिक प्रतिनिधित्व में विशेष अवसर मिल रहे हैं। लेकिन बिहार में ऐसी कोई सुविधा नहीं दी गई है, जिससे समाज के लोग पिछड़ते जा रहे हैं।
बैठक में यह भी तय किया गया कि आंदोलन को पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। 8 जून को पटना में होने वाला यह महासम्मेलन समाज की एकता, अधिकार और पहचान की लड़ाई का प्रतीक माना जा रहा है।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि राज्य सरकार सूरी समाज की इस वंचना और मांग पर क्या रुख अपनाती है।


