बगहा (पूर्वी चंपारण)। जुड़वां बच्चियों को जन्म देने के बाद बहू की हत्या के सनसनीखेज मामले में अदालत ने कड़ा फैसला सुनाया है। बगहा व्यवहार न्यायालय के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (प्रथम) रवि रंजन ने पति और ससुर को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर अतिरिक्त छह माह का साधारण कारावास भुगतना होगा।
पति और ससुर दोनों दोषी ठहराए गए
सजा पाने वालों में बनकटवा सुनारपट्टी मोहल्ला निवासी पति विकास और उसके पिता चंदेश्वर सोनी शामिल हैं। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान उपलब्ध साक्ष्य, गवाहों के बयान और केस डायरी के आधार पर दोनों को हत्या का दोषी पाया।
अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि नेहा देवी ने जुड़वां बच्चियों को जन्म दिया था, जिसके बाद से ससुराल पक्ष का रवैया उसके प्रति बदला हुआ था। इसी दौरान उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। मामले की जांच और ट्रायल के बाद अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंची कि यह हत्या थी।
जुर्माने के साथ सख्त टिप्पणी
अदालत ने सजा के साथ अर्थदंड भी लगाया और स्पष्ट किया कि जुर्माना नहीं चुकाने पर दोनों दोषियों को अतिरिक्त जेल की सजा काटनी होगी। फैसले को महिला उत्पीड़न और कन्या जन्म से जुड़े अपराधों पर सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
परिवार और समाज में चर्चा
फैसले के बाद पीड़िता पक्ष ने राहत जताई है। वहीं, इस मामले ने एक बार फिर बेटी के जन्म को लेकर समाज में मौजूद भेदभावपूर्ण सोच पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अदालत के फैसले को ऐसे मामलों में नजीर के रूप में देखा जा रहा है।


