दरभंगा एयरपोर्ट को मिलेगी नई उड़ान, 912 करोड़ के टर्मिनल, नाइट लैंडिंग और नई सुविधाओं पर तेज हुई तैयारी

दरभंगा। उत्तर बिहार और मिथिला क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माने जाने वाले दरभंगा एयरपोर्ट के विस्तार और आधुनिकीकरण की दिशा में एक बार फिर महत्वपूर्ण प्रगति देखने को मिली है। एयरपोर्ट को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने की योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। इसी क्रम में सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने नई दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू से मुलाकात कर दरभंगा एयरपोर्ट से जुड़े विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा की और कई महत्वपूर्ण मांगों को उनके समक्ष रखा। बैठक में नए टर्मिनल भवन, नाइट लैंडिंग सुविधा, नई उड़ानों के विस्तार, कार्गो सेवा, उड़ान कैफे और एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था जैसे कई अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

दरभंगा एयरपोर्ट पिछले कुछ वर्षों में उत्तर बिहार के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में शामिल हो चुका है। बड़ी संख्या में यात्री इस एयरपोर्ट से देश के विभिन्न शहरों की यात्रा करते हैं। लगातार बढ़ रही यात्रियों की संख्या को देखते हुए सरकार एयरपोर्ट के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने की दिशा में काम कर रही है।

बैठक के दौरान सांसद ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि दरभंगा एयरपोर्ट केवल मिथिला क्षेत्र ही नहीं, बल्कि उत्तर बिहार के कई जिलों के लोगों के लिए हवाई यात्रा का प्रमुख केंद्र बन चुका है। ऐसे में यहां सुविधाओं का विस्तार समय की आवश्यकता है। उन्होंने एयरपोर्ट से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं को जल्द पूरा कराने का आग्रह भी किया।

बैठक में सबसे अधिक चर्चा 912 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे नए टर्मिनल भवन को लेकर हुई। यह परियोजना दरभंगा एयरपोर्ट के सबसे बड़े विकास कार्यों में शामिल है। नए टर्मिनल के तैयार होने के बाद यात्रियों को अधिक आधुनिक और सुविधाजनक सेवाएं मिल सकेंगी। वर्तमान टर्मिनल की तुलना में नए भवन की क्षमता काफी अधिक होगी, जिससे भविष्य में बढ़ने वाले यात्री दबाव को आसानी से संभाला जा सकेगा।

बताया गया कि नया टर्मिनल भवन आधुनिक तकनीक और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। इसमें यात्रियों के लिए विस्तृत प्रतीक्षालय, आधुनिक चेक-इन काउंटर, बेहतर सुरक्षा जांच व्यवस्था, अधिक पार्किंग सुविधा, उन्नत बैगेज सिस्टम और अन्य यात्री सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे यात्रियों को पहले की तुलना में अधिक सहज और सुविधाजनक यात्रा अनुभव मिलेगा।

बैठक में नाइट लैंडिंग सुविधा को जल्द शुरू करने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। वर्तमान समय में रात के दौरान उड़ानों के संचालन में सीमाएं होने के कारण यात्रियों को कई बार असुविधा का सामना करना पड़ता है। यदि नाइट लैंडिंग की सुविधा शुरू हो जाती है तो देर शाम और रात के समय भी विमान सेवाओं का संचालन संभव हो सकेगा। इससे उड़ानों की संख्या बढ़ाने में भी मदद मिलेगी और यात्रियों को अधिक विकल्प उपलब्ध होंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि नाइट लैंडिंग सुविधा शुरू होने से मौसम संबंधी व्यवधानों का असर भी कम होगा। कई बार खराब मौसम या अन्य कारणों से उड़ानों के समय में बदलाव करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में रात में भी विमान संचालन की सुविधा होने से एयरलाइंस के लिए संचालन अधिक लचीला हो जाएगा और यात्रियों को कम परेशानी होगी।

बैठक में दरभंगा से नई उड़ान सेवाएं शुरू करने पर भी चर्चा हुई। लगातार बढ़ती यात्री संख्या को देखते हुए विभिन्न महानगरों और अन्य प्रमुख शहरों के लिए नई उड़ानों की मांग लंबे समय से उठ रही है। नई उड़ानें शुरू होने से व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और पर्यटन के क्षेत्र में लोगों को बड़ा लाभ मिलने की संभावना है।

कार्गो सुविधा विकसित करने का प्रस्ताव भी बैठक का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। कृषि और मखाना सहित मिथिला क्षेत्र के विभिन्न उत्पादों को देश के दूसरे राज्यों और विदेशों तक तेजी से पहुंचाने में एयर कार्गो महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। यदि दरभंगा एयरपोर्ट पर आधुनिक कार्गो टर्मिनल विकसित होता है तो स्थानीय किसानों, व्यापारियों और उद्यमियों को अपने उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग का अवसर मिलेगा।

यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट परिसर में उड़ान कैफे स्थापित करने पर भी चर्चा हुई। इससे यात्रियों को भोजन और अन्य आवश्यक सेवाएं एक ही परिसर में आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी। इसके अलावा एयरपोर्ट पर आधुनिक सुविधाओं के विस्तार से यात्रियों के अनुभव में भी सुधार होगा।

बैठक के दौरान एयरपोर्ट का नाम कवि कोकिल बाबा विद्यापति के नाम पर रखने का प्रस्ताव भी रखा गया। सांसद ने कहा कि मिथिला की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान देने के लिए इस विषय पर सकारात्मक विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने इस संबंध में केंद्र सरकार से आवश्यक पहल करने का अनुरोध किया।

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने दरभंगा एयरपोर्ट की विभिन्न विकास परियोजनाओं पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए जल्द ही निर्माणाधीन नए टर्मिनल भवन का निरीक्षण करने का आश्वासन दिया। माना जा रहा है कि निरीक्षण के बाद परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर आगे की प्रक्रिया को और गति दी जा सकती है।

बैठक में एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। सांसद ने मांग की कि एयरपोर्ट की सुरक्षा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) को सौंपी जाए। उनका कहना था कि यात्रियों की बढ़ती संख्या और एयरपोर्ट के विस्तार को देखते हुए उच्च स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था आवश्यक है। इससे सुरक्षा मानकों को और मजबूत किया जा सकेगा।

इसके साथ ही एयरपोर्ट परिसर में स्थायी प्रशासनिक भवन, कर्मचारियों के लिए आवासीय परिसर, अस्पताल और अन्य आवश्यक सुविधाओं का निर्माण जल्द शुरू कराने का भी आग्रह किया गया। अधिकारियों का मानना है कि इन सुविधाओं के विकसित होने से एयरपोर्ट का संचालन अधिक प्रभावी होगा और भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करने में आसानी होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रस्तावित सभी परियोजनाएं समय पर पूरी हो जाती हैं तो दरभंगा एयरपोर्ट उत्तर बिहार का सबसे आधुनिक हवाई अड्डा बन सकता है। इससे केवल हवाई यात्रा ही आसान नहीं होगी, बल्कि पर्यटन, उद्योग, व्यापार और निवेश को भी नई गति मिलेगी। रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

दरभंगा एयरपोर्ट का विस्तार मिथिला क्षेत्र के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नए टर्मिनल भवन, नाइट लैंडिंग सुविधा, नई उड़ान सेवाएं, कार्गो नेटवर्क और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था जैसी परियोजनाएं पूरी होने के बाद उत्तर बिहार के लाखों लोगों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा। आने वाले समय में यह एयरपोर्ट क्षेत्रीय विकास, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर सकता है।

  • ये भी पढ़े..

    बिहार में ट्रैफिक चालान के मामलों का जल्द होगा निपटारा, अब स्थायी लोक अदालत में होगी सुनवाई; सभी जिलों को जारी हुए निर्देश

    Share Add as a preferred…

    यूपी पुलिस अधिकारी से फोन पर हुई तीखी बहस का वीडियो वायरल, मुकेश सहनी बोले- ‘मुझे रोकिएगा तो कोर्ट में मिलूंगा’

    Share Add as a preferred…