बिहार में फिर सक्रिय होगा मानसून, 12 और 13 जुलाई को तेज हवा के साथ भारी बारिश के आसार; 17 जिलों के लिए अलर्ट जारी

पटना। बिहार में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ने जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से कमजोर पड़ी बारिश के बाद मौसम विभाग ने राज्य के अधिकांश हिस्सों में फिर से अच्छी वर्षा होने का पूर्वानुमान जारी किया है। 12 और 13 जुलाई को बिहार के कई जिलों में तेज हवा, गरज-चमक और झमाझम बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का कहना है कि इस दौरान कुछ इलाकों में भारी बारिश भी हो सकती है। इसे देखते हुए कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम में बदलाव के साथ लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं किसानों के लिए भी यह बारिश काफी लाभदायक मानी जा रही है।

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार बंगाल की खाड़ी और मानसूनी प्रणाली में सक्रियता बढ़ने के कारण बिहार में अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। इसके प्रभाव से राज्य के उत्तर और मध्य हिस्सों में अधिक वर्षा होने की संभावना है, जबकि दक्षिण बिहार के कई जिलों में भी अच्छी बारिश दर्ज की जा सकती है।

मौसम विभाग का कहना है कि 12 और 13 जुलाई राज्य के लिए सबसे अधिक सक्रिय मानसूनी दिन हो सकते हैं। इस दौरान तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है। कई स्थानों पर बादलों की तेज गर्जना और बिजली चमकने की भी आशंका व्यक्त की गई है। ऐसे में लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है।

राजधानी पटना में भी मौसम का मिजाज बदलने के संकेत मिल रहे हैं। विभाग के अनुसार आसमान में बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। यदि बारिश का दौर लगातार बना रहता है तो अधिकतम तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे पिछले कई दिनों से जारी उमस और गर्मी से लोगों को काफी राहत मिलेगी।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जुलाई के शेष दिनों में भी दो से तीन दिन के अंतराल पर बारिश का दौर जारी रह सकता है। इससे राज्य में मानसून सामान्य स्थिति की ओर लौटेगा और वर्षा की कमी वाले क्षेत्रों में भी पर्याप्त पानी मिलने की संभावना बढ़ जाएगी।

उत्तर बिहार के जिलों में इस बार बारिश की गतिविधियां अधिक तेज रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार यहां कई स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा दक्षिण और मध्य बिहार के कई जिलों में भी अच्छी वर्षा होने की संभावना व्यक्त की गई है। पटना, जहानाबाद, गया, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, रोहतास और औरंगाबाद समेत कई जिलों में तेज बारिश के साथ हवाएं चल सकती हैं।

मौसम विभाग ने राज्य के 17 जिलों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है। पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, गोपालगंज, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, दरभंगा और समस्तीपुर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। इन जिलों में तेज बारिश, तेज हवा और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।

इसके अलावा खगड़िया, मुंगेर, भागलपुर, जमुई और बांका जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में भी गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। हालांकि यहां भारी बारिश की संभावना अपेक्षाकृत कम मानी जा रही है, फिर भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि भारी बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। तेज हवाओं के कारण कमजोर पेड़, बिजली के खंभे और अस्थायी ढांचों को भी नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में लोगों को अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर जाने से बचने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

किसानों के लिए यह बारिश राहत लेकर आ सकती है। धान की रोपाई और खरीफ फसलों की बुवाई के लिए पर्याप्त वर्षा आवश्यक होती है। पिछले कुछ दिनों से बारिश कम होने के कारण कई क्षेत्रों में खेती का कार्य प्रभावित हो रहा था। अब अच्छी वर्षा होने से खेतों में नमी बढ़ेगी और कृषि कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।

जल संसाधन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश होती है तो भूजल स्तर में सुधार होगा। तालाब, आहर-पईन, नहर और अन्य जल स्रोतों में भी पानी की उपलब्धता बढ़ेगी। इससे सिंचाई व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी और आने वाले महीनों में पानी की कमी की आशंका कम होगी।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी लोगों को मौसम में बदलाव के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है। लगातार उमस के बाद अचानक तापमान में गिरावट होने से सर्दी, वायरल बुखार और अन्य मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।

मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि तेज बारिश या बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। खेतों में काम कर रहे किसान भी मौसम खराब होने पर तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। वाहन चालकों को भी बारिश के दौरान सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की सलाह दी गई है, क्योंकि कई स्थानों पर सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं और दृश्यता भी कम हो सकती है।

आपदा प्रबंधन विभाग ने भी जिला प्रशासन को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं। स्थानीय प्रशासन को संभावित जलभराव, तेज हवा और अन्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां बनाए रखने को कहा गया है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।

मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में बिहार में मानसून सक्रिय बना रहेगा और रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। इससे जहां एक ओर लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलेगी, वहीं कृषि, जल संसाधन और पर्यावरण के लिए भी यह बारिश बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। हालांकि भारी बारिश वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा अपडेट पर लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।

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