
पटना, 8 अप्रैल 2026: बिहार की राजनीति में इन दिनों तेजी से घटनाक्रम बदल रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे को लेकर चर्चाएं अब काउंटडाउन की तरह आगे बढ़ रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, वे 12 या 13 अप्रैल के आसपास मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। हालांकि अभी तक इसको लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
राज्यसभा शपथ के बाद तेज होगी प्रक्रिया
बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार 10 अप्रैल को दिल्ली में राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ले सकते हैं। इसके बाद उनके पटना लौटते ही बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव पहले से तय रणनीति के तहत किया जा रहा है, ताकि केंद्र और राज्य दोनों स्तर पर राजनीतिक संतुलन बनाया जा सके।
आखिरी कैबिनेट बैठक के संकेत
सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री जल्द ही अपनी अध्यक्षता में कैबिनेट की एक महत्वपूर्ण बैठक कर सकते हैं। इसे उनके वर्तमान कार्यकाल की अंतिम कैबिनेट बैठक के तौर पर देखा जा रहा है।
इस बैठक में कई अहम फैसले लिए जा सकते हैं, जिससे उनके कार्यकाल का समापन औपचारिक रूप से हो सके।
इस्तीफे के बाद क्या होगा अगला कदम?
दिल्ली से लौटने के बाद नीतीश कुमार राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं। इसके तुरंत बाद एनडीए विधायक दल की बैठक बुलाकर नए नेता का चयन किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, पहले दिल्ली में शीर्ष नेताओं के बीच सहमति बनाई जाएगी, उसके बाद पटना में औपचारिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
खरमास के कारण टल सकता है शपथ ग्रहण
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस समय खरमास चल रहा है, जिसे शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता। यही कारण है कि नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह खरमास समाप्त होने के बाद आयोजित किया जा सकता है।
संभावना जताई जा रही है कि 15 अप्रैल के बाद कभी भी नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण हो सकता है।
नए मुख्यमंत्री को लेकर मंथन तेज
नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे के साथ ही बिहार एनडीए में नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर मंथन तेज हो गया है। जेडीयू और बीजेपी के बीच संतुलन साधते हुए ऐसा चेहरा सामने लाने की कोशिश की जा रही है जो सभी सहयोगी दलों को स्वीकार्य हो।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह फैसला केवल एक व्यक्ति के चयन तक सीमित नहीं होगा, बल्कि आने वाले विधानसभा चुनावों की रणनीति भी इसी के साथ तय होगी।
बिहार की राजनीति के लिए निर्णायक समय
नीतीश कुमार लंबे समय से बिहार की राजनीति के केंद्र में रहे हैं। ऐसे में उनका मुख्यमंत्री पद छोड़ना राज्य की राजनीति में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
आने वाले कुछ दिन यह तय करेंगे कि बिहार की सत्ता की कमान किसके हाथ में जाएगी और राज्य की राजनीतिक दिशा क्या होगी।
अगर चाहें तो मैं संभावित मुख्यमंत्री चेहरों, जातीय समीकरण और राजनीतिक गणित का विस्तृत विश्लेषण भी तैयार कर सकता हूँ।


