
पटना | 31 जुलाई 2025: बिहार की राजनीति में फरवरी 2024 में आए उथल-पुथल के केंद्र में रहे विश्वास मत प्रस्ताव को लेकर आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने कार्रवाई तेज कर दी है। बुधवार को ईओयू ने पूर्व मंत्री एवं राजद नेता बीमा भारती से करीब चार घंटे तक पूछताछ की।
ईओयू के सूत्रों के मुताबिक पूछताछ का केंद्रबिंदु था—विधानसभा में नीतीश सरकार के विश्वास मत के दौरान विधायकों को कथित रूप से प्रलोभन देने की कोशिशें। यह मामला राजनीतिक गलियारों में उस वक्त चर्चा में आया था जब कई विधायकों ने आरोप लगाए थे कि उन्हें समर्थन के बदले धन व पद का लालच दिया गया।
जदयू के तीन विधायकों को नोटिस
ईओयू ने परबत्ता से जदयू विधायक डॉ. संजीव, नरकटियागंज से विधायक फजले हक अंसारी और मनेर से विधायक मोनू कुमार को भी पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया है। डॉ. संजीव को अगस्त के पहले सप्ताह में ईओयू मुख्यालय में पेश होने को कहा गया है। अन्य दो विधायकों को भी अगले कुछ दिनों में पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।
बीमा भारती का दावा – ‘मुझे फंसाया जा रहा है’
पूछताछ के बाद मीडिया से बातचीत में बीमा भारती ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा:
“मैं गलत नहीं हूं। मुझे जानबूझकर फंसाया जा रहा है। यह सब एक राजनीतिक साजिश है। मेरे खिलाफ झूठा मुकदमा रचा गया है।”
उन्होंने कहा कि वह जांच में पूरा सहयोग करेंगी लेकिन किसी भी दबाव या झूठे आरोप से डरेंगी नहीं।
क्या है मामला?
फरवरी 2024 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भाजपा के साथ मिलकर नई सरकार बनाई थी। विधानसभा में बहुमत साबित करने के दौरान विपक्षी दलों ने आरोप लगाया था कि सरकार पक्ष के लोग विधायकों को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। इसी संदर्भ में ईओयू ने एक गोपनीय जांच शुरू की थी, जिसमें अब कई नेताओं से पूछताछ की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
राजनीतिक हलकों में हलचल
ईओयू की इस कार्रवाई से राज्य के सियासी माहौल में हलचल बढ़ गई है। जहां एक ओर राजद इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बता रहा है, वहीं सत्ताधारी दल इसे कानून के तहत की जा रही जांच बता रहा है।


