
पटना, 29 अक्टूबर।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि बिहार सरकार का सबसे बड़ा लक्ष्य युवाओं को रोजगार और बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि आगामी पांच वर्षों में राज्य के एक करोड़ युवाओं को नौकरी एवं रोजगार दिया जाएगा। इसके लिए विभिन्न विभागों में नए पद सृजित किए गए हैं और बहाली की प्रक्रिया लगातार जारी है।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा कि युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा देने के लिए राज्यभर के इंजीनियरिंग कॉलेजों, पॉलीटेक्निक संस्थानों और आईटीआई में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए गए हैं। इन संस्थानों में प्रशिक्षण लेकर युवा आत्मनिर्भर बन सकें, इसके लिए भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है।
उन्होंने बताया कि राज्य में उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा देने के लिए बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज-2025 लागू किया गया है। इस नीति के तहत राज्य में नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना, निवेश वृद्धि और रोजगार सृजन को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
सेमीकंडक्टर निर्माण और एआई क्लस्टर बनेगा बिहार
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार अब उच्च तकनीकी उद्योगों की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। उड़ीसा, कर्नाटक और गुजरात की तर्ज पर राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और सेमीकंडक्टर विनिर्माण इकाइयों के क्लस्टर स्थापित किए जाएंगे।
इसके लिए बिहार केंद्र सरकार के इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन से जुड़कर चिप निर्माण, पैकेजिंग और डिजाइन यूनिट्स की स्थापना करेगा। इससे राज्य में उच्च तकनीकी रोजगार, औद्योगिक रूपांतरण और निवेश वृद्धि को नई गति मिलेगी। नीतीश कुमार ने कहा कि “अब बिहार में औद्योगिक कॉरिडोर, उच्च गुणवत्ता की बिजली, जल प्रबंधन और कुशल मानव संसाधन — सब उपलब्ध हैं।”
केंद्र के सहयोग से बढ़ेगा औद्योगिक निवेश
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख कंपनियां — महारत्न, नवरत्न और मिनी रत्न उपक्रमों के माध्यम से बिहार में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना करेंगी। इससे राज्य में औद्योगिक विकास और रोजगार दोनों को प्रोत्साहन मिलेगा तथा स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा।
शिक्षा सुधार से शुरू हुई विकास यात्रा
नीतीश कुमार ने याद किया कि 24 नवंबर 2005 को जब उनकी सरकार बनी थी, तब सबसे पहले शिक्षा व्यवस्था को सुधारने पर ध्यान दिया गया। उन्होंने कहा कि “हमने युवाओं के लिए रोजगारपरक तकनीकी शिक्षा और प्रशिक्षण का इंतजाम किया। अब हर जिले में इंजीनियरिंग कॉलेज और पॉलीटेक्निक संस्थान हैं। बिहार के छात्र अब बाहर जाने को मजबूर नहीं, बल्कि अन्य राज्यों से छात्र यहां पढ़ने आ रहे हैं।”


