
समाचार के मुख्य बिंदु: पटना की सूरत बदलने वाली योजनाओं का मुख्यमंत्री ने किया औचक निरीक्षण
- बिहार गौरव पार्क: देशरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद की समाधि और जेपी गंगा पथ के बीच 10 एकड़ में बनेगा भव्य ‘बिहार गौरव पार्क’।
- ऐतिहासिक गाथा: पार्क में आर्यभट्ट, चाणक्य, सम्राट अशोक, जेपी और दशरथ मांझी की प्रेरक गाथाओं के साथ नालंदा-विक्रमशिला की स्थापत्य कला की दिखेगी झलक।
- बांस घाट का कायाकल्प: 4.5 एकड़ में फैले नए मुक्ति धाम परिसर का निरीक्षण; पुराने शवदाह गृह को भी अत्याधुनिक बनाने का निर्देश।
- नया टूरिस्ट हब: सभ्यता द्वार से कलेक्ट्रेट घाट तक बनेगा आधुनिक सैरगाह; पैदल पथ, स्ट्रीट लाइट और सिटिंग एरिया से लैस होगा इलाका।
- डेडलाइन: मुख्यमंत्री ने सभी निर्माणाधीन योजनाओं को गुणवत्ता के साथ तय समय सीमा के भीतर पूर्ण करने का दिया सख्त निर्देश।
- VOB इनसाइट: मुख्यमंत्री का यह दौरा पटना को ‘हेरिटेज सिटी’ और ‘आधुनिक महानगर’ के संगम के रूप में विकसित करने की उनकी दीर्घकालिक योजना का हिस्सा है। गंगा किनारे विकसित हो रहे ये प्रोजेक्ट्स न केवल पर्यटन बढ़ाएंगे बल्कि शहरवासियों को बेहतरीन पब्लिक स्पेस भी देंगे।
पटना | 28 मार्च, 2026
राजधानी पटना को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने और बिहार के गौरवशाली इतिहास को जीवंत करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने शनिवार को शहर की विभिन्न निर्माणाधीन बड़ी योजनाओं का धरातलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए ताकि जनता को जल्द से जल्द इन सुविधाओं का लाभ मिल सके। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, पटना का गंगा तटीय क्षेत्र आने वाले समय में देश के सबसे मनोरम पर्यटन स्थलों में से एक होगा।
10 एकड़ में बिहार की संस्कृति का संगम: बिहार गौरव पार्क
मुख्यमंत्री ने बांस घाट के पास डॉ. राजेंद्र प्रसाद समाधि स्थल और जेपी गंगा पथ के बीच विकसित किए जा रहे ‘लोकनायक जय प्रकाश नारायण पार्क’ (बिहार गौरव पार्क) के कार्यों का जायजा लिया। 10 एकड़ भूमि में फैला यह पार्क बिहार की महान विभूतियों और ऐतिहासिक गौरव का केंद्र होगा।
- महान विभूतियों की गाथा: पार्क के भीतर आर्यभट्ट, चाणक्य, सम्राट अशोक, लोकनायक जयप्रकाश नारायण और ‘माउंटेन मैन’ दशरथ मांझी की प्रेरणादायक कहानियों को प्रदर्शित किया जाएगा।
- वास्तुकला की झलक: यहाँ आने वाले पर्यटक नालंदा, विक्रमशिला, प्राचीन धार्मिक स्तूपों, मंदिरों और मकबरों की स्थापत्य कला का जीवंत अनुभव कर सकेंगे।
- स्मृति परिसर: भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की याद में उनके वर्तमान स्मारक स्थल पर एक भव्य स्मृति परिसर का भी निर्माण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक तरफ देशरत्न की समाधि और दूसरी ओर जेपी गंगा पथ होने से यहाँ का दृश्य अत्यंत मनोरम होगा और इस क्षेत्र के लोगों को इसका बड़ा लाभ मिलेगा।
बांस घाट का आधुनिकीकरण: मुक्ति धाम में मिलेंगी सांस्कृतिक सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने बांस घाट स्थित साढ़े चार एकड़ में नवनिर्मित ‘मुक्ति धाम’ परिसर का निरीक्षण किया। यहाँ शवदाह की सुविधाओं के साथ-साथ नागरिकों के लिए धार्मिक और सांस्कृतिक बुनियादी ढांचे का निर्माण किया गया है।
- पुराने शवदाह गृह का नवीनीकरण: मुख्यमंत्री ने पुराने शवदाह गृह परिसर का भी बारीकी से निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि इसे भी नए मुक्ति धाम की तर्ज पर सारी सुविधाओं से लैस और बेहतर बनाया जाए।
सभ्यता द्वार से कलेक्ट्रेट घाट तक बनेगा ‘रिवर फ्रंट’ सैरगाह
पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान के पास बन रहे ‘हाट’ का जायजा लेने के बाद मुख्यमंत्री ने सभ्यता द्वार से कलेक्ट्रेट घाट तक बन रहे सैरगाह (Promenade) का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मैप के जरिए इस पूरी योजना की बारीकियों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।
- सैरगाह की विशेषताएं: यहाँ आने वाले लोगों के लिए पैदल पथ (Walking Path), अत्याधुनिक स्ट्रीट लाइट, सिटिंग एरिया और छतरीनुमा स्तंभों का निर्माण किया जा रहा है।
- पर्यटन और इतिहास: मुख्यमंत्री ने कहा कि सभ्यता द्वार पहले से ही लोगों के आकर्षण का केंद्र है। सैरगाह के जुड़ जाने से लोग गंगा की लहरों के साथ-साथ बिहार के गौरवशाली अतीत को और करीब से समझ सकेंगे।
प्रशासनिक अमला रहा मौजूद
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के साथ जल संसाधन सह संसदीय कार्य मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, सचिव श्री कुमार रवि, सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह, पटना प्रमंडल आयुक्त श्री अनिमेष पराशर, जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम., और नगर आयुक्त श्री यशपाल मीणा सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
सुशासन और विकास की नई परिभाषा
मुख्यमंत्री का यह निरीक्षण यह साफ करता है कि सरकार पटना को न केवल रहने के लिए बेहतर बना रही है, बल्कि इसे एक सांस्कृतिक पहचान देने की दिशा में भी गंभीर है। बिहार गौरव पार्क और सैरगाह जैसे प्रोजेक्ट्स पटना की ब्रांडिंग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती देंगे। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) इन योजनाओं के पूरा होने की तारीख और यहाँ मिलने वाली अन्य सार्वजनिक सुविधाओं की हर ताज़ा अपडेट आप तक सबसे पहले पहुँचाता रहेगा।


