
पटना, 27 मार्च। राज्य में बढ़ती गर्मी और संभावित लू को देखते हुए परिवहन विभाग ने यात्रियों और चालकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कई अहम कदम उठाने का निर्णय लिया है। मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनज़र विभाग ने सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नियंत्रित और सुरक्षित बनाने की रणनीति तैयार की है, ताकि तेज धूप और अत्यधिक तापमान के दौरान किसी प्रकार की असुविधा या दुर्घटना की स्थिति से बचा जा सके।
परिवहन विभाग के अनुसार, भीषण गर्मी के दौरान सुबह 11 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक सार्वजनिक वाहनों के परिचालन को सीमित किया जाएगा। इस समयावधि में केवल अत्यंत आवश्यक सेवाओं के तहत ही वाहनों को चलाने की अनुमति होगी। विभाग का मानना है कि दोपहर के समय सड़क पर तापमान सबसे अधिक रहता है, जिससे यात्रियों के साथ-साथ चालकों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी बसों में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, लू और डिहाइड्रेशन से बचाव के लिए ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ओआरएस) की व्यवस्था भी अनिवार्य की जाएगी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बसों में प्राथमिक उपचार किट रखना भी जरूरी होगा, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता दी जा सके।
बस स्टैंड और प्रमुख परिवहन केंद्रों पर भी विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। विभाग ने सभी बस अड्डों पर स्वच्छ पेयजल, पंखे और छाया की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इससे यात्रियों को इंतजार के दौरान गर्मी से राहत मिल सकेगी।
इसके अलावा, चालकों को भी स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों का पालन करने की सलाह दी गई है। लंबी दूरी के परिचालन में नियमित अंतराल पर विश्राम, पर्याप्त पानी पीना और धूप से बचाव के उपाय अपनाने पर जोर दिया गया है।
परिवहन विभाग का यह कदम न केवल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि गर्मी के मौसम में होने वाली संभावित दुर्घटनाओं और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को भी कम करने में मददगार साबित होगा। आने वाले दिनों में विभाग स्थिति की निगरानी करते हुए जरूरत के अनुसार अतिरिक्त कदम भी उठा सकता है।


