पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 16 जनवरी से एक बार फिर राज्यव्यापी दौरे पर निकलने जा रहे हैं। इस बार मुख्यमंत्री की यात्रा को ‘समृद्धि यात्रा’ नाम दिया गया है। यात्रा को लेकर बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
अधिकारियों को भेजा गया निर्देश पत्र
मुख्य सचिव द्वारा जारी पत्र में सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव, जिलों के प्रभारी सचिव, डीजीपी, सभी प्रमंडलीय आयुक्त, क्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक, उपमहानिरीक्षक, जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक को निर्देशित किया गया है कि मुख्यमंत्री के जिलों में भ्रमण के दौरान सभी तैयारियां समय पर पूरी की जाएं।
पत्र में कहा गया है कि मुख्यमंत्री समृद्धि यात्रा के दौरान विभिन्न जिलों का दौरा करेंगे और योजनाओं की जमीनी हकीकत की समीक्षा करेंगे।
समृद्धि यात्रा के दौरान होंगे चार प्रमुख कार्यक्रम
मुख्य सचिव द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार समृद्धि यात्रा के दौरान कुल चार प्रमुख गतिविधियां होंगी—
- प्रगति यात्रा और सात निश्चय से जुड़ी योजनाओं सहित जिले की अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं के स्थलों का निरीक्षण
- महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और कार्यारंभ
- जन संवाद कार्यक्रम, जिसमें मुख्यमंत्री आम लोगों से सीधे संवाद करेंगे
- जिला स्तरीय समीक्षा बैठक, जिसमें योजनाओं की प्रगति और प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा होगी
जिलाधिकारियों को विशेष निर्देश
सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि कार्यक्रम स्थल से जुड़ी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित करें। स्थल निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और सचिव की उपस्थिति अनिवार्य होगी। वहीं समीक्षा बैठक में डीजीपी और संबंधित विभागों के शीर्ष अधिकारियों को मौजूद रहने को कहा गया है।
नीतीश कुमार की 15वीं यात्रा
कैबिनेट सचिवालय विभाग की ओर से जारी पत्र के अनुसार, खरमास के बाद मुख्यमंत्री की यह यात्रा शुरू होगी। इससे पहले नीतीश कुमार 14 यात्राएं कर चुके हैं। यह उनकी 15वीं राज्यव्यापी यात्रा होगी।

कार्यक्रम का विस्तृत शेड्यूल जल्द
हाल ही में बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को प्रचंड जीत मिली है और नीतीश कुमार ने 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर रिकॉर्ड बनाया है। ऐसे में समृद्धि यात्रा को राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से अहम माना जा रहा है।
परंपरा के अनुसार मुख्यमंत्री अपनी यात्रा की शुरुआत अक्सर चंपारण क्षेत्र से करते हैं। इस बार भी यात्रा की शुरुआत चंपारण से होने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि यात्रा का विस्तृत कार्यक्रम अभी जारी नहीं हुआ है।


