मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा: आपातकाल था तानाशाही का प्रतीक, लोकतंत्र की रक्षा के लिए हम सदैव तत्पर

पटना, 26 जून।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 25 जून 1975 को देश में लगाए गए आपातकाल को स्वतंत्र भारत के इतिहास का सबसे काला दिन बताया है। उन्होंने इस संबंध में बुधवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्ववर्ती ट्विटर) पर एक भावनात्मक पोस्ट साझा करते हुए लोकतंत्र की रक्षा के लिए जनता के संघर्ष को नमन किया।

मुख्यमंत्री ने लिखा:

“25 जून 1975 का वो दिन हम सभी को याद है, जब देश में आपातकाल लागू हुआ था। आपातकाल तत्कालीन सरकार की तानाशाही का प्रतीक था। जनता की अभिव्यक्ति की आजादी पर पाबंदी लगा दी गई थी।”

जेपी आंदोलन की याद, संघर्ष की प्रेरणा

मुख्यमंत्री ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में चले आपातकाल विरोधी आंदोलन को याद करते हुए लिखा:

“आपातकाल के खिलाफ लोकनायक जयप्रकाश नारायण जी ने आंदोलन शुरू किया। मैंने भी अपने कई साथियों के साथ इस आंदोलन में भाग लिया। हम सभी को तानाशाही के खिलाफ आवाज उठाने के लिए जेल में बंद कर दिया गया।”

संविधान और लोकतंत्र के मूल्यों पर बल

नीतीश कुमार ने लोकतंत्र की नींव को मजबूत रखने की आवश्यकता पर जोर देते हुए लिखा:

“लोकतंत्र के मूल में जनता की आवाज होती है। हमारी जिम्मेदारी है कि हम हर परिस्थिति में उसकी रक्षा करें।”

उन्होंने कहा कि बिहार की धरती ने हमेशा संविधान, न्याय, स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय की भावना को अपनाया है और यही राज्य के विकास की आधारशिला रही है।

हम संविधान के आदर्शों की रक्षा के लिए सजग हैं: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में यह भी दोहराया कि लोकतांत्रिक मूल्यों की सुरक्षा ही राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा:

“हम संविधान के आदर्शों की रक्षा के लिए सदैव सजग एवं तत्पर रहेंगे।”


 

  • ये भी पढ़े..

    पंचायत विकास दिवस पर बरारी पंचायत में भव्य आयोजन, नुक्कड़ नाटक से दिया गया नशा मुक्ति का संदेश

    Share Add as a preferred…

    पंचायत विकास दिवस पर महिलाओं की भागीदारी को बताया विकास की आधारशिला, प्रभारी सचिव व डीएम ने जनसहभागिता पर दिया जोर

    Share Add as a preferred…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *