दिनांक: 31.01.2026: डीआरआई (राजस्व आसूचना निदेशालय) पटना क्षेत्रीय इकाई ने बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में सीमा पार चरस तस्करी के एक सुनियोजित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। एक पुख्ता सूचना के आधार पर छपवा–तुरकौलिया रोड के पास की गई कार्रवाई में तस्करी के लिए इस्तेमाल की जा रही एक मॉडिफाइड मोटरसाइकिल से भारी मात्रा में चरस बरामद की गई।
जूट की बोरी में छिपी थी खेप
डीआरआई अधिकारियों ने एक मोटरसाइकिल सवार को रोका, जिसके पास जूट की बोरी थी। तलाशी लेने पर बोरी से चरस के 63 पैकेट बरामद हुए। मौके पर फील्ड ड्रग टेस्टिंग किट से जांच करने पर यह पदार्थ चरस निकला।
पेट्रोल टैंक में बना था गुप्त तहखाना
जांच में सामने आया कि तस्करी के लिए बाइक को खास तरीके से बदला गया था—
- पेट्रोल टैंक में गुप्त कैविटी (तहखाना) बनाई गई थी।
- सीट के भीतर अलग सहायक ईंधन प्रणाली लगाई गई थी, ताकि असली टैंक में छिपाई गई खेप पर शक न हो।
31 किलो चरस, कीमत करीब 78 लाख
बरामद चरस का कुल वजन 31.097 किलोग्राम है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत ₹77,74,250 आंकी गई है। चरस, मोटरसाइकिल और छिपाने में प्रयुक्त सामान को जब्त कर लिया गया है। आरोपी को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है।
जांच जारी, गिरोह पर बड़ी चोट
डीआरआई के अनुसार, इस मामले में आगे की जांच जारी है। उल्लेखनीय है कि वित्त वर्ष 2025-26 में डीआरआई पटना अब तक कुल 107 किलोग्राम चरस जब्त कर चुकी है। इन कार्रवाइयों से सीमावर्ती तस्करी गिरोहों के नेटवर्क को करारा झटका लगा है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सीमा पार नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई आगे भी इसी सख्ती के साथ जारी रहेगी।


