नालंदा | बिहारशरीफ
नालंदा जिले में इंटरमीडिएट परीक्षा के पहले दिन एक परीक्षा केंद्र पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब लेट से पहुंचे परीक्षार्थियों को प्रवेश नहीं मिला। गुस्साए छात्रों और अभिभावकों के विरोध के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। अब इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वायरल वीडियो बिहारशरीफ स्थित एस.एस. उच्च विद्यालय परीक्षा केंद्र का बताया जा रहा है।
एंट्री रोकी गई, बढ़ा गुस्सा
जानकारी के अनुसार, निर्धारित समय के बाद पहुंचे परीक्षार्थियों को केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया। इससे नाराज छात्र-छात्राएं और उनके परिजन गेट पर ही जमा हो गए। देखते ही देखते भीड़ बढ़ गई और धक्का-मुक्की की नौबत आ गई।
वीडियो में क्या दिखा?
वायरल फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि
- गेट के बाहर बड़ी संख्या में परीक्षार्थी जमा हैं
- अंदर घुसने की कोशिश में कुछ छात्र दीवार और गेट की ओर बढ़ते दिख रहे हैं
- इस दौरान स्कूल प्रबंधन और सुरक्षाकर्मियों द्वारा धक्का देकर पीछे हटाने की कोशिश भी की जा रही है
इसी आपाधापी में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई, जिससे कुछ छात्राएं रोती-बिलखती नजर आईं।
नियम बनाम संवेदनशीलता
बिहार बोर्ड की गाइडलाइन के अनुसार, परीक्षा केंद्र में निर्धारित समय के बाद प्रवेश वर्जित है।
लेकिन अभिभावकों का कहना है कि—
“जाम और अव्यवस्था के कारण कुछ मिनट की देरी हो गई थी। इतने छोटे अंतर पर बच्चों का भविष्य रोक देना अन्याय है।”
प्रशासन पर उठे सवाल
इस घटना के बाद परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
लोग पूछ रहे हैं—
- क्या भीड़ नियंत्रण के लिए पर्याप्त व्यवस्था थी?
- क्या छात्रों से मानवीय व्यवहार नहीं किया जा सकता था?
फिलहाल प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार है। वायरल वीडियो ने परीक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है—नियम जरूरी हैं, लेकिन इंसानियत भी उतनी ही जरूरी।


