
नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार की ओर से पहली आधिकारिक राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल की सराहना करते हुए शिक्षा क्षेत्र में उनके योगदान को याद किया।
“असली नेतृत्व दशकों के काम से पहचाना जाता है”
किरेन रिजिजू ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा,
“असली नेतृत्व की पहचान दशकों के काम से होती है और धर्मेंद्र प्रधान जी का सार्वजनिक जीवन तथा छात्र कल्याण के प्रति उनका समर्पण इसका प्रमाण है।”
उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने लंबे समय तक शिक्षा सुधार और युवाओं के हितों के लिए निरंतर काम किया।
“छात्रों का हित हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता रहा”
रिजिजू ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल में उनके साथ काम करने के दौरान उन्होंने करीब से देखा कि धर्मेंद्र प्रधान शिक्षा व्यवस्था को अधिक मजबूत, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करते रहे।
उन्होंने लिखा,
“कैबिनेट में उनके साथ काम करते हुए मैंने देखा कि उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और हर निर्णय में लाखों छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम किया।”
इस्तीफे के बाद सरकार की पहली प्रतिक्रिया
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद यह केंद्र सरकार की ओर से आने वाली पहली प्रमुख प्रतिक्रिया मानी जा रही है। जहां विपक्ष और छात्र संगठनों ने इस्तीफे को अपने आंदोलन की सफलता बताया है, वहीं सरकार के वरिष्ठ मंत्री ने उनके कार्यकाल और योगदान की सार्वजनिक रूप से सराहना की है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि केंद्र सरकार शिक्षा मंत्रालय की कमान किसे सौंपती है और NEET विवाद से जुड़े अन्य मुद्दों पर आगे क्या निर्णय लिए जाते हैं।


