बक्सर: गृह रक्षक भर्ती कैंप में फर्जी दरोगा गिरफ्तार, पुलिस की सतर्कता से बड़ा फर्जीवाड़ा हुआ बेनकाब

बक्सर, 1 जून 2025 :बिहार के बक्सर जिले में गृह रक्षक भर्ती के दौरान एक फर्जी दारोगा को रंगे हाथों पकड़ लिया गया। घटना पुलिस लाइन की है, जहां खुद को भोजपुर साइबर थाना का सब इंस्पेक्टर बताकर एक युवक भर्ती कैंप में घुसने की कोशिश कर रहा था। ड्यूटी पर तैनात जवान की सतर्कता और अधिकारियों की समय रहते कार्रवाई से यह फर्जीवाड़ा उजागर हो गया।

पुलिस को रौब दिखा रहा था ‘फर्जी अफसर’

घटना 30 मई की सुबह करीब 5 बजे की है। बक्सर पुलिस लाइन के गेट नंबर-1 पर तैनात जवान अजय कुमार को एक संदिग्ध व्यक्ति पर शक हुआ, जो एक अभ्यर्थी के साथ परिसर में दाखिल होने का प्रयास कर रहा था। पूछताछ में उस शख्स ने खुद को भोजपुर साइबर थाना का सब इंस्पेक्टर “मोहम्मद अली” बताया और रौब झाड़ने की कोशिश की।

असली नाम निकला ध्यानचंद अली

संदेह होने पर जवान ने उसे तत्काल कंट्रोल रूम में बैठा दिया और वरीय अधिकारियों को सूचना दी। जब सख्ती से पूछताछ हुई तो उसकी पहचान उजागर हुई। वह वास्तव में नावानगर थाना क्षेत्र के शिवपुर (केसठ) गांव निवासी मोहम्मद ध्यानचंद अली निकला। पूछताछ में उसने कभी खुद को अमीर सुबहानी, कभी संख्यायिक पदाधिकारी बताया, लेकिन अंततः अपना असली नाम स्वीकार कर लिया।

परिसर में तस्वीरें खींच रहा था

जांच में पता चला कि फर्जी दरोगा पुलिस केंद्र परिसर की तस्वीरें चोरी-छिपे खींच चुका था और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े पंडाल तक भी पहुंच गया था, जहां कई वरीय अधिकारी मौजूद थे। इसकी सूचना मिलते ही उसे हिरासत में ले लिया गया।

मोबाइल और स्मार्टवॉच जब्त, केस दर्ज

पूछताछ के बाद पुलिस ने उसके पास से दो मोबाइल फोन और एक स्मार्ट वॉच जब्त की। इसके बाद मुफस्सिल थाना में एफआईआर दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इटाढ़ी गुमटी प्रभारी चंदन कुमार ने बताया कि “इस घटना की गहन जांच चल रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी परिसर में क्यों घुसा और तस्वीरें क्यों लीं।

बिहार में बढ़ते फर्जी अफसरों के मामले

यह घटना कोई पहली नहीं है। हाल के महीनों में बिहार के कई जिलों से फर्जी पुलिस अफसरों के मामले सामने आ चुके हैं। भोजपुर जिले में भी कुछ समय पहले एक फर्जी दारोगा राकेश कुमार सिंह पकड़ा गया था, जो डेढ़ साल तक कई जिलों में खुद को अफसर बताकर लोगों को ठगता रहा।

सतर्कता ने बचाई बड़ी चूक

इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि पुलिस जवानों की सतर्कता कितनी जरूरी है। अगर जवान अजय कुमार समय पर हरकत में नहीं आते, तो यह व्यक्ति न जाने क्या नुकसान कर सकता था। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि ध्यानचंद अली का कोई आपराधिक इतिहास है या नहीं।


 

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