
पटना, 20 मई 2026: बिहार में चौथे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा यानी TRE-4 को लेकर अभ्यर्थियों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। लंबे समय से भर्ती विज्ञापन और परीक्षा शेड्यूल जारी नहीं होने से नाराज छात्र अब सड़क पर उतरने लगे हैं। बुधवार को पटना में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया और बीपीएससी कार्यालय तक मार्च निकालने की तैयारी की। इस बीच बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का बड़ा बयान सामने आया है।
शिक्षा मंत्री ने कहा है कि सरकार TRE-4 भर्ती प्रक्रिया को लेकर पूरी तरह गंभीर है और जल्द ही परीक्षा का शेड्यूल जारी किया जाएगा। उन्होंने अभ्यर्थियों से आंदोलन छोड़कर परीक्षा की तैयारी करने की अपील की। मंत्री के बयान के बाद एक बार फिर TRE-4 को लेकर राजनीतिक और शैक्षणिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
लंबे इंतजार से बढ़ी अभ्यर्थियों की बेचैनी
बिहार में पिछले कुछ महीनों से लाखों शिक्षक अभ्यर्थी TRE-4 नोटिफिकेशन का इंतजार कर रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार लगातार आश्वासन दे रही है, लेकिन अब तक भर्ती प्रक्रिया को लेकर कोई स्पष्ट तारीख घोषित नहीं की गई है।
कई अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने पिछले चरणों की परीक्षाओं की तरह TRE-4 की भी तैयारी शुरू कर दी थी, लेकिन भर्ती कैलेंडर जारी नहीं होने से उनकी योजना प्रभावित हो रही है। छात्रों का आरोप है कि देरी के कारण उनकी उम्र सीमा, आर्थिक स्थिति और मानसिक दबाव लगातार बढ़ रहा है।
इसी नाराजगी के बीच बुधवार को पटना में प्रदर्शन आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में अभ्यर्थी जुटे।
छात्र नेताओं ने संभाली प्रदर्शन की कमान
प्रदर्शन का नेतृत्व छात्र नेता सौरव और खुशबू पाठक कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों की योजना बीपीएससी कार्यालय तक मार्च निकालने की थी। हालांकि प्रशासन पहले से सतर्क था और किसी भी तरह की अव्यवस्था रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था।
सूत्रों के अनुसार छात्र नेता खुशबू पाठक आरा से पटना आने के दौरान बिहटा पहुंचीं, जहां पुलिस ने उन्हें रोक लिया। बाद में उन्हें बिहटा थाना ले जाया गया। इस कार्रवाई के बाद अभ्यर्थियों में नाराजगी और बढ़ गई।
प्रदर्शन में शामिल छात्रों का कहना था कि सरकार को जल्द से जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए ताकि लाखों युवाओं का भविष्य अधर में न रहे।
शिक्षा मंत्री का बड़ा बयान
TRE-4 विवाद के बीच शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार भर्ती प्रक्रिया को लेकर पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर शिक्षा विभाग लगातार तैयारी में जुटा हुआ है और बीपीएससी के साथ समन्वय बनाकर काम किया जा रहा है।
मंत्री ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया को लेकर अनावश्यक आंदोलन की जरूरत नहीं है क्योंकि सरकार जल्द ही नोटिफिकेशन और परीक्षा शेड्यूल जारी करने वाली है।
उन्होंने अभ्यर्थियों से अपील करते हुए कहा कि वे आंदोलन में समय बर्बाद करने के बजाय पढ़ाई पर ध्यान दें। मंत्री के अनुसार आने वाले दिनों में परीक्षा की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी और अभ्यर्थियों को इसका लाभ मिलेगा।
“अभ्यर्थी हमारे लिए अनमोल”
मिथिलेश तिवारी ने अपने बयान में कहा कि बिहार के अभ्यर्थी सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के सपनों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी अभ्यर्थी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि कुछ बाहरी लोग छात्रों को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। मंत्री ने दावा किया कि सरकार इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और यह पता लगाया जा रहा है कि प्रदर्शन के पीछे कौन लोग सक्रिय हैं।
मंत्री ने कहा कि “कुछ लोग बाहर से आकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। कोई मुंबई से आ रहा है तो कोई अन्य जगहों से। सरकार इस पहलू की भी जांच कर रही है।”
अभ्यर्थियों ने उठाए कई सवाल
हालांकि शिक्षा मंत्री के बयान के बाद भी कई अभ्यर्थी संतुष्ट नजर नहीं आए। उनका कहना है कि सरकार को केवल बयान देने के बजाय स्पष्ट तारीख घोषित करनी चाहिए।
कई छात्रों ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अगर सरकार वास्तव में गंभीर है तो भर्ती कैलेंडर सार्वजनिक किया जाए। अभ्यर्थियों का कहना है कि लगातार देरी से उनकी तैयारी प्रभावित हो रही है और मानसिक तनाव बढ़ रहा है।
कुछ छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में सरकार को स्पष्ट रोडमैप सामने रखना चाहिए।
बिहार में शिक्षक भर्ती सबसे बड़ा मुद्दा
बिहार में शिक्षक भर्ती हमेशा से बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा रहा है। TRE-1, TRE-2 और TRE-3 के दौरान भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने आंदोलन किए थे। कई बार परीक्षा पैटर्न, रिजल्ट और काउंसलिंग प्रक्रिया को लेकर विवाद सामने आए।
अब TRE-4 को लेकर भी लाखों युवाओं की निगाहें सरकार और बीपीएससी पर टिकी हुई हैं। शिक्षा विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती समय पर परीक्षा आयोजित करने और पारदर्शी तरीके से भर्ती प्रक्रिया पूरी करने की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार में सरकारी शिक्षक भर्ती युवाओं के लिए सबसे बड़े रोजगार अवसरों में से एक मानी जाती है। यही वजह है कि हर भर्ती चरण को लेकर भारी उत्साह और दबाव दोनों देखने को मिलता है।
पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड में
पटना में प्रदर्शन की संभावना को देखते हुए प्रशासन पहले से सतर्क था। बीपीएससी कार्यालय और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति है, लेकिन कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का उद्देश्य था कि राजधानी में यातायात और आम जनजीवन प्रभावित न हो। इसी वजह से प्रदर्शन शुरू होने से पहले कई जगहों पर निगरानी बढ़ा दी गई थी।
अब अभ्यर्थियों की नजर सरकार पर
फिलहाल TRE-4 को लेकर पूरे बिहार में चर्चा तेज है। लाखों अभ्यर्थी अब सरकार की अगली घोषणा का इंतजार कर रहे हैं। अगर जल्द नोटिफिकेशन जारी नहीं होता है तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज हो सकता है।
दूसरी ओर सरकार लगातार यह भरोसा दिलाने की कोशिश कर रही है कि भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर TRE-4 का आधिकारिक शेड्यूल कब जारी होगा और परीक्षा कब आयोजित की जाएगी।


